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चिकित्साधिकारी समेत तीन पर मामला दर्ज
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28 मार्च को प्रकाशित खबर का पीडीएफ
- फोटो : ORAI
जालौन। एक सप्ताह पूर्व पीएचसी छिरिया सलेमपुर में ड्यूटी पर तैनात वार्ड ब्वाय ने शौचालय में लुंगी से लटककर जान दे दी थी। बेटे की तहरीर पर पुलिस ने डॉक्टर, फार्मासिस्ट व क्लर्क के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम छानीखास निवासी विद्यासागर गुबरेले पुत्र रामेश्वर पीएचसी छिरिया सलेमपुर में वार्ड ब्वाय के पद पर तैनात थे। 26-27 मार्च की रात उनकी ड्यूटी अस्पताल में ही लगी थी। रात में उन्होंने शौचालय में लगी खूंटी पर लुंगी को बांधकर खुदकुशी कर ली थी। सुबह जब सफाई कर्मचारी वहां पहुंचा तो उन्होंने विद्यासागर के शव को फांसी पर लटका देखा तो हड़कंप मच गया।
इस मामले में मृतक के पुत्र शिवांग गुबरेले ने पुलिस को तहरीर दी थी कि अस्पताल में तैनात चिकित्साधिकारी डॉ.आरके राजपूत, फार्मासिस्ट जसराज सिंह राजपूत व क्लर्क अरविंद उनके पिता को ड्यूटी पर रहते हुए अनुपस्थित दिखाने की धमकी देते थे। 25 मार्च को डॉ.आरके राजपूत ने उनके पिता की ड्यूटी 24 घंटे के लिए अस्पताल में लगा दी। इसी दिन उन्होंने एक पत्र के माध्यम से उन्हें ड्यूटी पर अनुपस्थित दिखाकर अप्रैल माह का वेतन रोकने और नौकरी से बर्खास्त करने की धमकी दी थी।
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जिससे वह अवसाद में आ गए थे। उन्होंने उसी रात घर पर फोन भी किया था। जिसमें उन्होंने उक्त बात बताई थी और वह काफी घबराए हुए भी थे। इसके बाद रात में ही उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुत्र की तहरीर पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। कोतवाल सुनील सिंह का कहना है कि मामला दर्ज कर जांच की जा रही तो भी सामने आएगा उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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कोतवाली क्षेत्र के ग्राम छानीखास निवासी विद्यासागर गुबरेले पुत्र रामेश्वर पीएचसी छिरिया सलेमपुर में वार्ड ब्वाय के पद पर तैनात थे। 26-27 मार्च की रात उनकी ड्यूटी अस्पताल में ही लगी थी। रात में उन्होंने शौचालय में लगी खूंटी पर लुंगी को बांधकर खुदकुशी कर ली थी। सुबह जब सफाई कर्मचारी वहां पहुंचा तो उन्होंने विद्यासागर के शव को फांसी पर लटका देखा तो हड़कंप मच गया।
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इस मामले में मृतक के पुत्र शिवांग गुबरेले ने पुलिस को तहरीर दी थी कि अस्पताल में तैनात चिकित्साधिकारी डॉ.आरके राजपूत, फार्मासिस्ट जसराज सिंह राजपूत व क्लर्क अरविंद उनके पिता को ड्यूटी पर रहते हुए अनुपस्थित दिखाने की धमकी देते थे। 25 मार्च को डॉ.आरके राजपूत ने उनके पिता की ड्यूटी 24 घंटे के लिए अस्पताल में लगा दी। इसी दिन उन्होंने एक पत्र के माध्यम से उन्हें ड्यूटी पर अनुपस्थित दिखाकर अप्रैल माह का वेतन रोकने और नौकरी से बर्खास्त करने की धमकी दी थी।
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जिससे वह अवसाद में आ गए थे। उन्होंने उसी रात घर पर फोन भी किया था। जिसमें उन्होंने उक्त बात बताई थी और वह काफी घबराए हुए भी थे। इसके बाद रात में ही उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुत्र की तहरीर पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। कोतवाल सुनील सिंह का कहना है कि मामला दर्ज कर जांच की जा रही तो भी सामने आएगा उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।