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अकूत धनवर्षा में भी खाली हाथ रह गया बुंदेलखंड

Thu, 09 Jun 2022 12:27 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jun 2022 12:27 AM IST
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Bundelkhand remained empty handed even in the huge rain
उरई। उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए निवेशकों ने कुबेर का खजाना खोल दिया। 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रोजेक्ट लखनऊ में हुई ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में रखे गए। इस सेरेमनी में हुई अकूत धनवर्षा के बाद भी बुंदेलखंड के सातों जिले खाली हाथ ही रह गए। पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र की बात करें तो प्रदेश में सबसे कम महज 3.66 फीसदी निवेश ही उसके हिस्से में आया है।
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निवेश के मामले में पश्चिमी उत्तर प्रदेश अभी भी सरताज बना हुआ है। उसके हिस्से में 73.14 फीसदी निवेश आया है। निवेशक अभी वहां से दूसरे क्षेत्रों में रुख करने में झिझक रहे हैं। पूर्वांचल ने भी अपनी स्थिति मजबूत की है और उसके हिस्से में 11.94 फीसदी निवेश ही आया है। यदि जिलों की बात करें तो गौतमबुद्ध नगर निवेश के मामले में अव्वल है। इसे 45 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। निवेश प्रस्तावों में दूसरे पर लखनऊ और तीसरे पर गोरखपुर हैं। (संवाद)
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कहीं नहीं ठहरता बुंदेलखंड
दूसरे जिलों से तुलना करें तो बुंदेलखंड के जिले कहीं नहीं ठहरते। एक भी जिला एक हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को नहीं छू पाया है। जालौन जिले में सबसे अधिक निवेश प्रस्ताव मिले हैं। दूसरे नंबर पर हमीरपुर और तीसरे स्थान पर झांसी है। निवेश प्रस्तावों के मामले में चित्रकूट और ललितपुर की स्थिति बेहद निराशाजनक है। दोनों ही जिले 10 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त नहीं कर सके हैं।
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कमजोर राजनीतिक पहल के चलते निराशा
बुंदेलखंड क्षेत्र में निवेश न आने के पीछे उद्यमी कमजोर राजनीतिक पहल मानते हैं। हाथ कागज उद्योग यूनियन के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार तिवारी ने कहा कि जब हम किसी का ठीक से स्वागत नहीं कर सकते तो यहां पर कोई निवेश करने क्यों आयेगा। उन्होंने कहा कि हमारे जिले से मध्यम, लघु और सूक्ष्म उद्यम राज्यमंत्री हैं, उसके बाद भी एक जिला एक उत्पाद के तहत उनके विभाग के अधिकारियों की तक की एक बैठक नहीं हो पाई।

कोंच उद्योग आनर्स वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष अनिल पटेल ने कहा कि बुंदेलखंड में आधारभूत सुविधाओं की बेहद कमी है। बिजली यहां की बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा कि हम खुद यहां छह करोड़ रुपये निवेश करना चाहते हैं लेकिन प्रशासन जमीन नहीं मुहैया करा पाया है। उन्होंने कहा कि निवेशकों को बुलाने से पहले यहां इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा करना पड़ेगा, तभी निवेश का माहौल बन सकता है।
किस जिले को कितने निवेश प्रस्ताव (करोड़ में)
बांदा - 475.35
चित्रकूट- 6.72
हमीरपुर - 829
झांसी -564.88
जालौन- 983.26
ललितपुर-18.07
महोबा- 60.65
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