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Jalaun News: किशोरी के अपहरण में साले को 20 और जीजा को तीन साल की सजा
Sat, 19 Apr 2025 12:33 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Sat, 19 Apr 2025 12:33 AM IST
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उरई। किशोरी को ले जाने के मामले में दोष सिद्ध होने पर साले को 20 व जीजा को तीन साल की सजा न्यायाधीश ने सुनाई है। दोनों पर एक लाख का जुर्माना भी लगाया है। वहीं महिला को दोषमुक्त कर दिया है।
माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने कोतवाली पुलिस को 15 फरवरी 2017 को तहरीर दी थी। बताया कि 15 वर्षीय उसकी पुत्री जब माधौगढ़ गई थी। वहीं, जालौन कोतवाली क्षेत्र का निवासी राममिलन उसे बहलाकर रजपुरा निवासी अपनी बहन आनंद कुमारी के घर ले गया है। आरोपी राममिलन पीड़ित के घर पर अलग-अलग नंबरों से फोन कर धमकी देता था। इसके बाद आरोपी के बहनोई अवधेश और उसकी बहन आनंद कुमारी ने राममिलन के साथ मिलकर उसकी पुत्री को गायब कर दिया था।
तब पुलिस ने अपहरण पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी थी। पुलिस ने राममिलन के पास से किशोरी को खोजकर कोर्ट में कलम बंद बयान दर्ज कराए थे। जहां पर किशोरी ने दुष्कर्म की बात कही थी। पुलिस ने दुष्कर्म की धारा की बढ़ोतरी कर तीनों लोगों को पकड़कर जेल भेज दिया था। इसके बाद 11 अगस्त 2017 को चार्जशीट पॉक्सो कोर्ट में दाखिल की गई थी।
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कोर्ट में चले ट्रायल के बाद शुक्रवार को सुनवाई पूरी हुई। इसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस गवाहों के बयान सबूतों के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहम्मद कमर ने राममिलन को किशोरी का अपहरण सहित पॉस्को एक्ट में दोषी पाते हुए बीस साल की सजा सुनाई और 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। वहीं, जीजा अवधेश को किशोरी के अपहरण के मामले में दोषी पाते हुए तीन तीन साल की सजा सुनाई और बीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं, आनंद कुमारी के खिलाफ कोई सबूत न मिलने के कारण दोष मुक्त कर दिया गया। पीड़ित को जुर्माने की आधी राशि देने का भी कोर्ट ने आदेश दिया है।
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माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने कोतवाली पुलिस को 15 फरवरी 2017 को तहरीर दी थी। बताया कि 15 वर्षीय उसकी पुत्री जब माधौगढ़ गई थी। वहीं, जालौन कोतवाली क्षेत्र का निवासी राममिलन उसे बहलाकर रजपुरा निवासी अपनी बहन आनंद कुमारी के घर ले गया है। आरोपी राममिलन पीड़ित के घर पर अलग-अलग नंबरों से फोन कर धमकी देता था। इसके बाद आरोपी के बहनोई अवधेश और उसकी बहन आनंद कुमारी ने राममिलन के साथ मिलकर उसकी पुत्री को गायब कर दिया था।
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तब पुलिस ने अपहरण पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी थी। पुलिस ने राममिलन के पास से किशोरी को खोजकर कोर्ट में कलम बंद बयान दर्ज कराए थे। जहां पर किशोरी ने दुष्कर्म की बात कही थी। पुलिस ने दुष्कर्म की धारा की बढ़ोतरी कर तीनों लोगों को पकड़कर जेल भेज दिया था। इसके बाद 11 अगस्त 2017 को चार्जशीट पॉक्सो कोर्ट में दाखिल की गई थी।
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कोर्ट में चले ट्रायल के बाद शुक्रवार को सुनवाई पूरी हुई। इसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस गवाहों के बयान सबूतों के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहम्मद कमर ने राममिलन को किशोरी का अपहरण सहित पॉस्को एक्ट में दोषी पाते हुए बीस साल की सजा सुनाई और 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। वहीं, जीजा अवधेश को किशोरी के अपहरण के मामले में दोषी पाते हुए तीन तीन साल की सजा सुनाई और बीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं, आनंद कुमारी के खिलाफ कोई सबूत न मिलने के कारण दोष मुक्त कर दिया गया। पीड़ित को जुर्माने की आधी राशि देने का भी कोर्ट ने आदेश दिया है।