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खतरे के निशान के करीब पहुंची बेतवा

Tue, 23 Aug 2022 11:58 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 23 Aug 2022 11:58 PM IST
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Betwa reached near danger mark
बेतवा नदी के जलस्तर में होती वृद्धि। - फोटो : ORAI
मुहम्मदाबाद। बेतवा नदी के जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी हो गई है। मंगलवार को बेतवा का जलस्तर दोपहर 12 बजे तक 121.59 मीटर पर पहुंच गया, जबकि खतरे का निशान 122.66 मीटर पर है। शाम चार बजे तक नदी का जलस्तर 122.6 पर पहुंचने से नदी के तटवर्ती इलाकों में लोगों की हलचल शुरू हो गई। शाम चार बजे तक खतरे के निशान से .06 सेंटीमीटर नीचे था। निचले इलाके के गांव मकरेछा और सिमिरिया गांवों में पानी ने दस्तक दे दी है। समय रहते लोग सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचने लगे हैं।
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केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी आमोद कुमार व देवेंद्र ने बताया कि माताटीला बांध से पानी छोड़े जाने के बाद बेतवा का जलस्तर 6 सेंटीमीटर प्रतिघंटा की दर से बढ़ रहा है। इस प्रकार कुछ ही घंटे में बेतवा खतरे के निशान को पार सकती है। उधर, बेतवा नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर निचले इलाकों में रहने वाले गुढ़ा, बंधौली, मकरेछा आदि ग्रामीण भी जलस्तर की पल-पल की खबर ले रहे हैं। जिला प्रशासन ने भी अलर्ट जारी किया है कि नदी के आसपास रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जाएं।
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यमुना नदी के जलस्तर को लेकर अलर्ट
कालपी। यमुना नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। मंगलवार को जलस्तर बढ़कर 103.05 मीटर में पहुंच गया है। केंद्रीय जल आयोग कार्यालय के अनुसार यमुना नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ने की संभावनाएं हैं। केंद्रीय जल आयोग कार्यालय के स्थल प्रभारी रुपेश कुमार ने बताया कि पिछले दिनों राजस्थान के कोटा बैराज से पानी छोड़ने के कारण चंबल से पानी यमुना नदी में पहुंच रहा है। यमुना नदी का जलस्तर 107.27 मीटर पर पहुंच गया था, जो खतरे के लाल निशान से मात्र 73 सेमी छूने को रह गया था। 20 अगस्त से 10 सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से यमुना नदी के जलस्तर में गिरावट हो रही है। सोमवार को जलस्तर घटकर 102.50 मीटर पहुंच गया था। मंगलवार को 12 घंटे में जलस्तर लगभग आधा मीटर बढ़ गया है। बाढ़ के संभावित खतरे को लेकर प्रशासन तथा राजस्व विभाग तटवर्ती इलाकों में सात बाढ़ राहत चौकियों को सक्रिय किया गया है।
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फोटो-8-कोटरा सिकरी मार्ग पर पानी भरने के कारण नाव से निकलते लोग। संवाद
बेतवा उफान पर, आवागमन भी बंद
कोटरा। बेतवा में माताटीला बांध से तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ने से बेतवा दोबारा उफान पर है। इससे कोटरा के मौजा कछार क्षेत्र के किसानों के तिलहन की फसल डूब गई है। कोटरा से सिकरी तक आने जाने के मुख्य मार्ग पर पानी भर जाने से नाव के सहारे आवाजाही हो रही हैं। बेतवा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। किसान अंजनी खरे, गिरीश, बड़े रायकवार, संतराम ने बताया कि नदी किनारे मौजा कछार क्षेत्र में किसानों ने तिलहन एवं मूंगफली की खेती लगा रखी थी। बेतवा में अधिक पानी आ जाने के कारण फसलें पानी में डूब गई हैं। बेतवा में बाढ़ के चलते नदी किनारे स्थित लक्की बाबा हनुमान जी मंदिर के आने जाने का रास्ता बंद हो गया है। इस रास्ते में लगभग पांच मीटर पानी ऊपर बह रहा है। कस्बे की राधाकृष्ण रखोलिया मंदिर में बाहर का पानी आने से पूजा आरती बंद हो गई है। बेतवा में बाढ़ की स्थिति पर तहसीलदार कुमार भूपेंद्र, लेखपाल देवेंद्र तिवारी, थानाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह सरोज लगातार गश्त निगरानी कर रहे है।
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