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Jalaun News: यमुना का जलस्तर घटने से तटवर्ती ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
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फोटो- 29 जोंधर नाला स्थित पुल के नीचे कम हुआ यमुना का पानी। संवाद
कालपी। यमुना नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज होने से तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। गुरुवार को नदी का जलस्तर घटकर 102.8 मीटर पर पहुंच गया। पानी करीब 10 से 15 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कम हो रहा है। जलस्तर नीचे जाने से नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ की आशंका भी कम हुई है।
पिछले कुछ दिनों से यमुना के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही थी। नदी का पानी बढ़ने से तटवर्ती क्षेत्रों के ग्रामीणों में बाढ़ को लेकर चिंता बढ़ गई थी। बुधवार से जलस्तर में गिरावट शुरू हुई और गुरुवार को भी पानी घटने का सिलसिला जारी रहा। कालपी में यमुना का चेतावनी स्तर 107 मीटर और खतरे का निशान 108 मीटर है। वर्तमान जलस्तर चेतावनी बिंदु से काफी नीचे होने के कारण फिलहाल बाढ़ की स्थिति बनने की आशंका कम हो गई है।
जलस्तर कम होने के साथ ही यमुना किनारे बसे गांवों और खेतों में पानी का दबाव भी घटा है। हालांकि नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अचानक जलस्तर बढ़ने की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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पिछले कुछ दिनों से यमुना के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही थी। नदी का पानी बढ़ने से तटवर्ती क्षेत्रों के ग्रामीणों में बाढ़ को लेकर चिंता बढ़ गई थी। बुधवार से जलस्तर में गिरावट शुरू हुई और गुरुवार को भी पानी घटने का सिलसिला जारी रहा। कालपी में यमुना का चेतावनी स्तर 107 मीटर और खतरे का निशान 108 मीटर है। वर्तमान जलस्तर चेतावनी बिंदु से काफी नीचे होने के कारण फिलहाल बाढ़ की स्थिति बनने की आशंका कम हो गई है।
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जलस्तर कम होने के साथ ही यमुना किनारे बसे गांवों और खेतों में पानी का दबाव भी घटा है। हालांकि नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अचानक जलस्तर बढ़ने की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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