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व्यवस्थाएं अधूरी, नहीं शुरू हो सकी गेहूं खरीद
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सरकारी खरीद केंद्र पर नहीं हो सकी दूसरे दिन भी व्यवस्थाएं
- फोटो : ORAI
जालौन। सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों पर किसान के गेहूं की खरीद दूसरे दिन भी शुरू नहीं हो सकी। खरीद के लिए मंडी परिसर में बनाए गए 12 सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों पर व्यवस्थाएं न होने एवं उपकरणों के अभाव में दूसरे दिन भी खरीद शुरू नहीं हो सकी।
सरकार के निर्देश का पालन करते हुए मंडी परिसर में बने 12 खरीद केंद्रों के बैनर तो लगा दिए गए हैं लेकिन एक पर भी सरकारी नियमों के तहत व्यवस्थाएं पूरी नहीं दिख रहीं। खरीद के दूसरे दिन केंद्र प्रभारी नदारद थे और व्यवस्थाएं भी आधी-अधूरी। खाद्य विभाग को सभी केंद्रों पर बोरियां देनी थीं लेकिन केंद्र प्रभारी के न आने से आठ केंद्रों पर बोरियां नहीं पहुंच सकीं। इसी प्रकार नीलामी चबूतरे पर बने क्रय केंद्र पर न तो इलेक्ट्रॉनिक कांटे लगे हैं और न ही गेहूं को छानने व उसकी नमी मापने की मशीन।
उधर, इस बार गेहूं खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए फिंगर मशीन ईपॉस मशीन प्रत्येक केंद्र पर लगाई जानी है। इसके माध्यम से ही किसान अपना अंगूठे या अपने उत्तराधिकारी के अंगूठे के माध्यम से ही गेहूं बेच पाएंगे। आधी-अधूरी तैयारी का हाल यह है कि सरकार की मंशा के विपरीत किसी केंद्र पर यह मशीन नहीं पहुंच सकी है।
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उधर, उदोतपुरा निवासी गजेंद्र सिंह, लहचूरा निवासी अखिलेश, कैंथ निवासी सुनील कुमार ने बताया कि दो दिन हो चुके हैं लेकिन अभी तक केंद्र शुरू न होने से वे परेशान हैं। दूसरी ओर, मंडी सचिव सर्वेश शुक्ला ने बताया कि मंडी की ओर दी जाने वाली सामग्री इलेक्ट्रॉनिक कांटा, छनाई मशीन उपलब्ध करा दी गई है। ईपॉस मशीन ठेकेदार को उपलब्ध करानी है। एक दो दिन में व्यवस्थाएं पूरी करके खरीद चालू करा दी जाएगी।
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सरकार के निर्देश का पालन करते हुए मंडी परिसर में बने 12 खरीद केंद्रों के बैनर तो लगा दिए गए हैं लेकिन एक पर भी सरकारी नियमों के तहत व्यवस्थाएं पूरी नहीं दिख रहीं। खरीद के दूसरे दिन केंद्र प्रभारी नदारद थे और व्यवस्थाएं भी आधी-अधूरी। खाद्य विभाग को सभी केंद्रों पर बोरियां देनी थीं लेकिन केंद्र प्रभारी के न आने से आठ केंद्रों पर बोरियां नहीं पहुंच सकीं। इसी प्रकार नीलामी चबूतरे पर बने क्रय केंद्र पर न तो इलेक्ट्रॉनिक कांटे लगे हैं और न ही गेहूं को छानने व उसकी नमी मापने की मशीन।
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उधर, इस बार गेहूं खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए फिंगर मशीन ईपॉस मशीन प्रत्येक केंद्र पर लगाई जानी है। इसके माध्यम से ही किसान अपना अंगूठे या अपने उत्तराधिकारी के अंगूठे के माध्यम से ही गेहूं बेच पाएंगे। आधी-अधूरी तैयारी का हाल यह है कि सरकार की मंशा के विपरीत किसी केंद्र पर यह मशीन नहीं पहुंच सकी है।
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उधर, उदोतपुरा निवासी गजेंद्र सिंह, लहचूरा निवासी अखिलेश, कैंथ निवासी सुनील कुमार ने बताया कि दो दिन हो चुके हैं लेकिन अभी तक केंद्र शुरू न होने से वे परेशान हैं। दूसरी ओर, मंडी सचिव सर्वेश शुक्ला ने बताया कि मंडी की ओर दी जाने वाली सामग्री इलेक्ट्रॉनिक कांटा, छनाई मशीन उपलब्ध करा दी गई है। ईपॉस मशीन ठेकेदार को उपलब्ध करानी है। एक दो दिन में व्यवस्थाएं पूरी करके खरीद चालू करा दी जाएगी।