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अधूरी पड़ी गोशालाओं से बढ़ रहे अन्ना मवेशी

Tue, 12 Nov 2019 12:42 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 12 Nov 2019 12:42 AM IST
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Anna cattle growing from incomplete gaushala
खेतों में अन्ना मवेशी फसल चरते - फोटो : ORAI
उरई। जनपद में अन्ना मवेशियों की समस्या का निदान न होने के पीछे का सबसे बड़ा कारण आधी अधूरी गोशालाएं ही है, किसानों का कहना है कि कागजों पर तो हर एक ब्लाक में तीन चार गोशालाएं है लेकिन उनमें आधी से अधिक अधूरी पड़ी है। जिन गोशालाओं के इंतजाम पूरे हैं तो वहां चारे पानी की समस्या बनी हुई है। यही कारण है कि मवेशियों का झुंड कभी खेतों तो कभी हाईवे पर नजर आता है।
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बता दें कि पिछले कई सालों से समूचे जनपद के किसान अन्ना मवेशियों की समस्या से परेशान हैं। जमा पूंजा लगाकर, इधर उधर से कर्ज लेकर किसान खेती करते हैं और मवेशी फसलों को या तो रौंदकर या फिर चट कर चौपट कर जाते हैं। साल भर पूर्व प्रदेश सरकार ने गोशालाएं खोलने के योजना शुरू की। जिसके अंतर्गत कदौरा, आटा, रामपुरा, उरई, एट, माधौगढ़, कोंच, जालौन आदि में कई गोशालाओं का शुभारंभ तो हुआ लेकिन मवेशी अभी तक नहीं पहुंच पाए।
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धीमी गति से गोशालाओं का निर्माण कार्य किसानों की परेशानी का कारण बना हुआ है। किसान राम सुमेर, देवी प्रसाद, श्यामा तिवारी आदि का कहना है कि गोशालाएं अधूरी होने के कारण ही वहां मवेशी नहीं पहुंचाए जा रहे हैं। खरीफ की फसल तो बारिश और बाढ़ की भेंट चढ़ गई, अब रबी की फसल को बचाने के लिए पूरी पूरी रात खेतों की निगरानी करनी पड़ेगी। एडीएम प्रमिल कुमार का कहना है कि जल्द ही अधूरी गोशालाओं का निरीक्षण कर उन्हें जल्द से जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए जाएंगे।
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