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Jalaun News: ऑनलाइन बिक रहे अवैध कीटनाशकों पर कृषि विभाग की नजर
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उरई। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से कीटनाशक खरीदने वाले किसान सावधान रहें। अपंजीकृत और अवैध रूप से आयात किए गए कीटनाशकों की बिक्री रोकने के लिए कृषि रक्षा विभाग ने जिले में विशेष अभियान शुरू किया है। ऑनलाइन बेचे जा रहे कीटनाशकों की निगरानी और जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई होगी।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. गगन दीप सिंह ने बताया कि कृषि निदेशालय के निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा है। जांच में अवैध या अपंजीकृत कीटनाशक बेचने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कीटनाशी अधिनियम 1968 और संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने किसानों से अपील की है कि कीटनाशक खरीदते समय उत्पाद का पंजीकरण, निर्माता का नाम, लेबल और इस्तेमाल संबंधी निर्देश जरूर जांच लें। बिना प्रमाणिकता वाले या संदिग्ध उत्पादों का इस्तेमाल करने से फसल को नुकसान पहुंच सकता है। इसका असर मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर भी पड़ सकता है। यदि किसी किसान को ऑनलाइन या किसी अन्य माध्यम से अवैध कीटनाशक बिकने की जानकारी मिलती है तो वह जिला कृषि रक्षा अधिकारी के कार्यालय को सूचना दे सकता है। (संवाद)
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जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. गगन दीप सिंह ने बताया कि कृषि निदेशालय के निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा है। जांच में अवैध या अपंजीकृत कीटनाशक बेचने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कीटनाशी अधिनियम 1968 और संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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उन्होंने किसानों से अपील की है कि कीटनाशक खरीदते समय उत्पाद का पंजीकरण, निर्माता का नाम, लेबल और इस्तेमाल संबंधी निर्देश जरूर जांच लें। बिना प्रमाणिकता वाले या संदिग्ध उत्पादों का इस्तेमाल करने से फसल को नुकसान पहुंच सकता है। इसका असर मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर भी पड़ सकता है। यदि किसी किसान को ऑनलाइन या किसी अन्य माध्यम से अवैध कीटनाशक बिकने की जानकारी मिलती है तो वह जिला कृषि रक्षा अधिकारी के कार्यालय को सूचना दे सकता है। (संवाद)
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