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थायराइड जांच की मशीन जल्द मंगवाई जाए
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उरई। झांसी मंडल की संयुक्त निदेशक डॉ. रेखा रानी ने सोमवार को जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक व डायलिसिस यूनिट का निरीक्षण किया। उन्होंने कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की प्रस्तावित जगह को देखा और जल्द काम शुरू कराने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि थॉयराइड जांच की मशीन भी जल्द मंगवाई जाए। बिना मास्क के घूम रहे लोगों पर भी नाराजगी जताई और कहा कि इस तरह की व्यवस्था की जाए कि लोग मास्क लगाकर ही अस्पताल में आए। बाद में मेडिकल कालेज का भी जायजा लिया।
संयुक्त निदेशक सबसे पहले जिला अस्पताल की ब्लड बैंक पहुंचीं। उन्होंने ब्लड बैंक और डायलिसिस इंचार्ज डॉ. अरविंद श्रीवास्तव से व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने ब्लड बैंक में ब्लड की पर्याप्त व्यवस्था रखने को कहा। साथ ही पैथालॉजी में होने वाली जांचों की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि थॉयराइड जांच की मशीन भी जल्द मंगवाई जाए ताकि मरीजों का थायराइड जांच बाहर से न करानी पड़े। इसके बाद वह डायलिसिस यूनिट पहुंची।
पीपीपी मॉडल पर चल रही डायलिसिस यूनिट के इंचार्ज संजय से मरीजों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि अब तक सात हजार मरीजों को डायलिसिस का लाभ मिल चुका है। अक्तूबर महीने में 401 लोगों की डायलिसिस की गई। उन्होंने कहा कि जो भी उपकरण कम है, उनकी डिमांड भेजकर उन्हें मंगवाया जाए।
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उन्होंने सीएमएस डॉ. अवनीश बनौधा से भी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर चर्चा की। इसके बाद वह राजकीय मेडिकल कालेज पहुंची। जहां पैथालॉजी प्रभारी डॉ रेनू सिंह से जांच और उपकरण के बारे में जानकारी ली। साथ ही स्टाफ के बाबत भी पूछा। उन्होंने बीएसएल लैब की व्यवस्थाएं भी देखी और स्टाफ से भी अब तक हुई जांचों का ब्योरा लिया।
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संयुक्त निदेशक सबसे पहले जिला अस्पताल की ब्लड बैंक पहुंचीं। उन्होंने ब्लड बैंक और डायलिसिस इंचार्ज डॉ. अरविंद श्रीवास्तव से व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने ब्लड बैंक में ब्लड की पर्याप्त व्यवस्था रखने को कहा। साथ ही पैथालॉजी में होने वाली जांचों की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि थॉयराइड जांच की मशीन भी जल्द मंगवाई जाए ताकि मरीजों का थायराइड जांच बाहर से न करानी पड़े। इसके बाद वह डायलिसिस यूनिट पहुंची।
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पीपीपी मॉडल पर चल रही डायलिसिस यूनिट के इंचार्ज संजय से मरीजों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि अब तक सात हजार मरीजों को डायलिसिस का लाभ मिल चुका है। अक्तूबर महीने में 401 लोगों की डायलिसिस की गई। उन्होंने कहा कि जो भी उपकरण कम है, उनकी डिमांड भेजकर उन्हें मंगवाया जाए।
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उन्होंने सीएमएस डॉ. अवनीश बनौधा से भी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर चर्चा की। इसके बाद वह राजकीय मेडिकल कालेज पहुंची। जहां पैथालॉजी प्रभारी डॉ रेनू सिंह से जांच और उपकरण के बारे में जानकारी ली। साथ ही स्टाफ के बाबत भी पूछा। उन्होंने बीएसएल लैब की व्यवस्थाएं भी देखी और स्टाफ से भी अब तक हुई जांचों का ब्योरा लिया।