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अनुपस्थित मिलीं दो स्टाफ नर्स, नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Mon, 12 Sep 2016 11:45 PM IST
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इमरजेंसी का निरीक्षण करते मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य
- फोटो : अमर उजाला
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राजकीय मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य ने रविवार की रात मेडिकल कालेज की इमरजेंसी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दो स्टाफ नर्स अनुपस्थित मिलने पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य डॉ. सुरेश चंद्र रविवार की रात करीब साढ़े नौ बजे औचक निरीक्षण करने कालेज की इमरजेंसी में पहुंचे। यहां पर दो स्टाफ नर्स
अनुपस्थिति मिलने पर स्पष्टीकरण मांगा गया। सभी चिकित्सक व चिकित्सालय के अन्य कर्मचारियों को स्पष्ट हिदायत दी गई कि ड्यूटी पर सभी चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, लैब टेक्निशीयन पूर्ण अवधि में रहें। किसी भी मरीज को हर संभव प्रयास कर सुचारु रूप से व्यवस्था को बनाए रखें। रात में भर्ती सात बुखार के मरीजों का निरीक्षण किया। इसमें एक ही
परिवार के बच्चों गोपाल (1 वर्ष) व शांती (चार) को तेज बुखार था। बाल रोग निरीक्षक से तुरंत उपचार शुरू कराया गया। एक अन्य गंभीर मरीज शिवम (तीन) की जांच में मलेरिया व टाइफाइड पाया गया। इसके बाद सोमवार को सुबह 11 बजे मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मेजर रणवीर सिंह व डॉ जितेंद्र मिश्रा के साथ इमरजेंसी, ओपीडी, वार्डस का सघन निरीक्षण
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किया। इसके बाद एक बैठक आयोजित की गई। जिसें सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि रोगियों के जांच, उपचार व सुविधा में किसी तरह की कोताही नहीं होना चाहिए।
बुखार वाले मरीजों को एक अलग वार्ड में इलाज की व्यवस्था की गई है। सभी चिकित्सकों हिदायत दी गई कि वह ड्यूटी पर यूनीफार्म में उपस्थित रहें। बैठक में प्रमुख रूप से डॉ. मेजर रणवीर सिंह, डॉ. संजीव गुप्ता जितेंद्र मिश्रा, शैलेंद्र प्रताप सिंह आदि रहे।
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अनुपस्थिति मिलने पर स्पष्टीकरण मांगा गया। सभी चिकित्सक व चिकित्सालय के अन्य कर्मचारियों को स्पष्ट हिदायत दी गई कि ड्यूटी पर सभी चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, लैब टेक्निशीयन पूर्ण अवधि में रहें। किसी भी मरीज को हर संभव प्रयास कर सुचारु रूप से व्यवस्था को बनाए रखें। रात में भर्ती सात बुखार के मरीजों का निरीक्षण किया। इसमें एक ही
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परिवार के बच्चों गोपाल (1 वर्ष) व शांती (चार) को तेज बुखार था। बाल रोग निरीक्षक से तुरंत उपचार शुरू कराया गया। एक अन्य गंभीर मरीज शिवम (तीन) की जांच में मलेरिया व टाइफाइड पाया गया। इसके बाद सोमवार को सुबह 11 बजे मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मेजर रणवीर सिंह व डॉ जितेंद्र मिश्रा के साथ इमरजेंसी, ओपीडी, वार्डस का सघन निरीक्षण
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किया। इसके बाद एक बैठक आयोजित की गई। जिसें सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि रोगियों के जांच, उपचार व सुविधा में किसी तरह की कोताही नहीं होना चाहिए।
बुखार वाले मरीजों को एक अलग वार्ड में इलाज की व्यवस्था की गई है। सभी चिकित्सकों हिदायत दी गई कि वह ड्यूटी पर यूनीफार्म में उपस्थित रहें। बैठक में प्रमुख रूप से डॉ. मेजर रणवीर सिंह, डॉ. संजीव गुप्ता जितेंद्र मिश्रा, शैलेंद्र प्रताप सिंह आदि रहे।