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Jalaun News: थाने में पुलिस की हैवानियत से युवक की मौत
Sun, 14 Jul 2024 03:02 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Sun, 14 Jul 2024 03:02 AM IST
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उरई। पुलिस की बर्बरतापूर्ण पिटाई से युवक की पुलिस हिरासत में ही मौत हो गई। मृतक की पत्नी और बहन ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए है। वहीं, इस पूरी घटना को छिपाने की भरसक कोशिश में लगी इलाकाई पुलिस ने मृतक के परिजनों को दिनभर नजरबंद रखा। यही नहीं मीडिया में मृतक की बहन मुंह न खोले, इसलिए उसे भी बुरी तरह मारापीटा गया।
गौरतलब है कि दो दिन पूर्व शहर कोतवाली क्षेत्र के इंद्रा नगर में किराये के मकान में रह रहे संतोष कुमार उर्फ मखंचू की सिर पर पत्थर मारकर हत्या कर दी गई थी। पत्नी सरिता की तहरीर पर शुक्रवार को डकोर पुलिस ने मकान मालिक रामकुमार, उसके भाई निर्भय, पत्नी राधा, आकाश व कार्तिक वाले के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी।
कोतवाली पुलिस के अनुसार, शुक्रवार शाम हत्या के मामले में वांछित रामकुमार को गिरफ्तार किया गया था। जिसकी पुलिस हिरासत में मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि युवक बीमार था और बीमारी के चलते ही हालत बिगड़ने से उसकी मौत हो गई। मृतक की बहन व पत्नी अंजू का आरोप है कि पुलिस गुरुवार शाम ही रामकुमार को पकड़कर ले गई थी। इसके बाद थाने में उसके साथ मारपीट की गई। पुलिस की मारपीट से ही रामकुमार की मौत हुई है।
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बहन का आरोप है कि पुलिस उसे भी पकड़कर ले गई थी, जहां पूछताछ के नाम पर उसके साथ भी मारपीट की गई थी। विरोध करने पर उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। रात में मौत हो जाने पर उसके भाई को पुलिस सुबह अस्पताल में स्ट्रेचर में डालकर भाग गई। उसने बताया कि उसकी दो बच्चियां हैं, वह हलवाई का काम करता था। उसकी मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मीडिया की नजरों से बचाकर दिनभर परिजनों को छिपाती रही पुलिस
उरई। युवक की मौत हो जाने पर सुबह पुलिस महकमे में खलबली मच गई। अमर उजाला की टीम जब मृतक के घर पहुंची तो घर पर ताला था। पड़ोसियों ने बताया कि सुबह सात बजे पुलिस की एक गाड़ी आई थी और परिजनों को लेकर कहीं चली गई है। इसके बाद पूरे दिन घटनाक्रम चलता रहा, लेकिन परिजनों का कहीं अता पता नहीं चला। शाम को करीब 3 बजे मृतक की पत्नी व बहन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और उन्होंने पुलिस पर बर्बरतापूर्वक मारपीट कर मारने का आरोप लगाया। पत्नी अंजू ने बताया कि बुधवार की शाम को ही उसके पति रामकुमार को पुलिस अपने साथ ले गई थी। दिन भर उसने इसकी जानकारी करनी चाही, लेकिन किसी को कोई भी जानकारी नहीं दी गई। शनिवार सुबह गाड़ी से उसके पास पुलिस आई और कहा कि बीमारी के चलते तुम्हारे पति की मौत हो गई है, साथ चलो।
शव पर चोट के निशान दे रहे पुलिस की बर्बरता की गवाही
उरई। युवक की मौत हो जाने पर सिपाही उसे अस्पताल में छोड़कर भाग गए। बाद में पुलिस की तरफ से कहा गया कि उसकी हालत बिगड़ गई और बीमारी के चलते मौत हो गई। लेकिन मृतक रामकुमार के शरीर पर चोटों के निशान उसके साथ हुई बर्बरता की गवाही दे रहे थे। शव देखकर ऐसा लग रहा था कि उसको थर्ड डिग्री दी गई है। उसके सिर से लेकर पीठ तक, दोनों हाथों की हथेलियों, पैर के पंजों, तालू, व पुट्ठों पर चोटों के निशान थे। जहां-जहां चोटों के निशान थे, वहां शरीर नीला पड़ा था। इमरजेंसी में तैनात स्टॉफ ने उसके शव को कूलर के सामने रख दिया था। मानो व सो रहा हो, लेकिन पोस्टमार्टम हाउस ले जाते समय जैसे ही पुलिस कर्मियों ने गाड़ी में रखवाने के लिए उसका शव उठाया तो वहां खड़े लोगों की रूह कांप गई। शरीर पर भारी मात्रा में चोट के निशान दिख रहे थे। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने पर पता चलेगा कि निशान चोट के थे, या किसी और चीज के।
पिता बोले, बेटा काम करने गया है
उरई। शहर कोतवाली क्षेत्र के इंद्रा नगर में दूसरे मकान में वृद्ध पिता भगवानदास अकेले थे, पूछने पर बताया कि उनके तीन बेटे हैं, पहले पुत्र का नाम रामकुमार, दूसरा निर्भय व तीसरे का नाम कमलेश है। उन्हाेंने बताया कि बेटा रामकुमार तो काम पर गया है। लेकिन उस वृद्ध पिता को क्या पता कि उसका पुत्र तो उसे हमेशा के लिए छोड़कर चला गया है।
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गौरतलब है कि दो दिन पूर्व शहर कोतवाली क्षेत्र के इंद्रा नगर में किराये के मकान में रह रहे संतोष कुमार उर्फ मखंचू की सिर पर पत्थर मारकर हत्या कर दी गई थी। पत्नी सरिता की तहरीर पर शुक्रवार को डकोर पुलिस ने मकान मालिक रामकुमार, उसके भाई निर्भय, पत्नी राधा, आकाश व कार्तिक वाले के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी।
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कोतवाली पुलिस के अनुसार, शुक्रवार शाम हत्या के मामले में वांछित रामकुमार को गिरफ्तार किया गया था। जिसकी पुलिस हिरासत में मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि युवक बीमार था और बीमारी के चलते ही हालत बिगड़ने से उसकी मौत हो गई। मृतक की बहन व पत्नी अंजू का आरोप है कि पुलिस गुरुवार शाम ही रामकुमार को पकड़कर ले गई थी। इसके बाद थाने में उसके साथ मारपीट की गई। पुलिस की मारपीट से ही रामकुमार की मौत हुई है।
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बहन का आरोप है कि पुलिस उसे भी पकड़कर ले गई थी, जहां पूछताछ के नाम पर उसके साथ भी मारपीट की गई थी। विरोध करने पर उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। रात में मौत हो जाने पर उसके भाई को पुलिस सुबह अस्पताल में स्ट्रेचर में डालकर भाग गई। उसने बताया कि उसकी दो बच्चियां हैं, वह हलवाई का काम करता था। उसकी मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मीडिया की नजरों से बचाकर दिनभर परिजनों को छिपाती रही पुलिस
उरई। युवक की मौत हो जाने पर सुबह पुलिस महकमे में खलबली मच गई। अमर उजाला की टीम जब मृतक के घर पहुंची तो घर पर ताला था। पड़ोसियों ने बताया कि सुबह सात बजे पुलिस की एक गाड़ी आई थी और परिजनों को लेकर कहीं चली गई है। इसके बाद पूरे दिन घटनाक्रम चलता रहा, लेकिन परिजनों का कहीं अता पता नहीं चला। शाम को करीब 3 बजे मृतक की पत्नी व बहन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और उन्होंने पुलिस पर बर्बरतापूर्वक मारपीट कर मारने का आरोप लगाया। पत्नी अंजू ने बताया कि बुधवार की शाम को ही उसके पति रामकुमार को पुलिस अपने साथ ले गई थी। दिन भर उसने इसकी जानकारी करनी चाही, लेकिन किसी को कोई भी जानकारी नहीं दी गई। शनिवार सुबह गाड़ी से उसके पास पुलिस आई और कहा कि बीमारी के चलते तुम्हारे पति की मौत हो गई है, साथ चलो।
शव पर चोट के निशान दे रहे पुलिस की बर्बरता की गवाही
उरई। युवक की मौत हो जाने पर सिपाही उसे अस्पताल में छोड़कर भाग गए। बाद में पुलिस की तरफ से कहा गया कि उसकी हालत बिगड़ गई और बीमारी के चलते मौत हो गई। लेकिन मृतक रामकुमार के शरीर पर चोटों के निशान उसके साथ हुई बर्बरता की गवाही दे रहे थे। शव देखकर ऐसा लग रहा था कि उसको थर्ड डिग्री दी गई है। उसके सिर से लेकर पीठ तक, दोनों हाथों की हथेलियों, पैर के पंजों, तालू, व पुट्ठों पर चोटों के निशान थे। जहां-जहां चोटों के निशान थे, वहां शरीर नीला पड़ा था। इमरजेंसी में तैनात स्टॉफ ने उसके शव को कूलर के सामने रख दिया था। मानो व सो रहा हो, लेकिन पोस्टमार्टम हाउस ले जाते समय जैसे ही पुलिस कर्मियों ने गाड़ी में रखवाने के लिए उसका शव उठाया तो वहां खड़े लोगों की रूह कांप गई। शरीर पर भारी मात्रा में चोट के निशान दिख रहे थे। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने पर पता चलेगा कि निशान चोट के थे, या किसी और चीज के।
पिता बोले, बेटा काम करने गया है
उरई। शहर कोतवाली क्षेत्र के इंद्रा नगर में दूसरे मकान में वृद्ध पिता भगवानदास अकेले थे, पूछने पर बताया कि उनके तीन बेटे हैं, पहले पुत्र का नाम रामकुमार, दूसरा निर्भय व तीसरे का नाम कमलेश है। उन्हाेंने बताया कि बेटा रामकुमार तो काम पर गया है। लेकिन उस वृद्ध पिता को क्या पता कि उसका पुत्र तो उसे हमेशा के लिए छोड़कर चला गया है।