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सातवीं तारीख को निकाली गई मेहंदी
Jalaun
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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मुहम्मदाबाद (जालौन)। मुहर्रम की 7 वीं तारीख को हजरत हुसैन के बड़े भाई हजरत हसन के बेटे कासिम की याद में मेहंदी निकाली जाती है। 7 वीं तारीख को हजरत कासिम को मेंहदी लगनी थी लेकिन मैदान-ए-कर्बला में हजरत कासिम ने यजीद के नापाक इरादों को खत्म करने के लिए और दीन इस्लाम को बचाने के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी और और लड़ते हुए शहीद हुए।
इसी याद को ताजा करने के लिए मुहम्मदाबाद में मेहंदी निकाली गई। रात 10 बजे इमाम चौक पर मेंहदी की फातिहा हुई उसके बाद में गमगीन माहौल में मरसिया कलाम पढ़ा गया।
वहीं इमाम चौक पर अकीदत मंदों ने मन्नतें मांगी। लोगों ने इमाम चौक पर मेहंदी आने का बाद फातिहा पढ़ी और गांव का चक्कर लगाया। जिस की मुराद पूरी हो जाती है वो दूसरे साल मेहंदी बनवाता है। वहां इस्लाम क्लब से अध्यक्ष ऐनुल आब्दीन और रहमानिया क्लब अध्यक्ष अजीज खां, ताजिया अध्यक्ष मुस्तफा खां, हाजी माजिस हुसैन, शाहिद खां, उम्मेद अली, साबिर खां, बाबा रिसालत मौजूद रहे। ताजिया के अध्यक्ष ने बताया कि 24 की रात 10 बजे और 25 नवंबर को दिन में ताजिया निकाले जाएंगे।
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इसी याद को ताजा करने के लिए मुहम्मदाबाद में मेहंदी निकाली गई। रात 10 बजे इमाम चौक पर मेंहदी की फातिहा हुई उसके बाद में गमगीन माहौल में मरसिया कलाम पढ़ा गया।
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वहीं इमाम चौक पर अकीदत मंदों ने मन्नतें मांगी। लोगों ने इमाम चौक पर मेहंदी आने का बाद फातिहा पढ़ी और गांव का चक्कर लगाया। जिस की मुराद पूरी हो जाती है वो दूसरे साल मेहंदी बनवाता है। वहां इस्लाम क्लब से अध्यक्ष ऐनुल आब्दीन और रहमानिया क्लब अध्यक्ष अजीज खां, ताजिया अध्यक्ष मुस्तफा खां, हाजी माजिस हुसैन, शाहिद खां, उम्मेद अली, साबिर खां, बाबा रिसालत मौजूद रहे। ताजिया के अध्यक्ष ने बताया कि 24 की रात 10 बजे और 25 नवंबर को दिन में ताजिया निकाले जाएंगे।
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