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800 किसानों के लिए सम्मान निधि अभी भी दूर की कौड़ी
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आटा(जालौन)। कालपी तहसील इलाके के करीब 800 किसानों के लिए सम्मान निधि अभी भी दूर की कौड़ी है। यह अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। किसी के कागज अधूरे बताए जा रहे तो किसी के आधार कार्ड में गड़बड़ी बताकर लौटा दिया जा रहा है। किसानों का कहना है कि कर्मचारी कागजों में कमी को ठीक से नहीं बताते हैं। इससे दिक्कत है।
केंद्र सरकार ने किसानों के लिए प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना शुरू की है। इसके तहत अधिकतम आठ बीघे खेती वाले किसानों को सालाना 6000 रुपये दिए जाने की व्यवस्था है। लॉकडाउन में इन किसानों को राहत देने के लिए 2000 की एक और किस्त देने की घोषणा केंद्र सरकार ने की थी। वहीं कृषि विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही से जिले के तमाम किसान सम्मान निधि से वंचित हैं। किसानों का कहना है कि कागजों में कमी बताकर योजना के लाभ से वंचित किया जा रहा है। इनका कहना है कि गलत रिपोर्ट लगाने से भी कई किसानों को योजना से वंचित रखा गया है।
वहीं तहसीलदार शशिवेंदु का कहना है कि करीब 800 किसानों की सम्मान निधि छोटी- छोटी कमियों के कारण रुकी है। एसडीएम कालपी जयेंद्र कुमार के मुताबिक किसान तहसील दिवस में समस्या दूर करा सकते हैं।
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केंद्र सरकार ने किसानों के लिए प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना शुरू की है। इसके तहत अधिकतम आठ बीघे खेती वाले किसानों को सालाना 6000 रुपये दिए जाने की व्यवस्था है। लॉकडाउन में इन किसानों को राहत देने के लिए 2000 की एक और किस्त देने की घोषणा केंद्र सरकार ने की थी। वहीं कृषि विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही से जिले के तमाम किसान सम्मान निधि से वंचित हैं। किसानों का कहना है कि कागजों में कमी बताकर योजना के लाभ से वंचित किया जा रहा है। इनका कहना है कि गलत रिपोर्ट लगाने से भी कई किसानों को योजना से वंचित रखा गया है।
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वहीं तहसीलदार शशिवेंदु का कहना है कि करीब 800 किसानों की सम्मान निधि छोटी- छोटी कमियों के कारण रुकी है। एसडीएम कालपी जयेंद्र कुमार के मुताबिक किसान तहसील दिवस में समस्या दूर करा सकते हैं।
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