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बच्चे खेले कबड्डी, स्कूल में लटका ताला
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माधौगढ़। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते कुछ स्कूलों में तैनात अध्यापक मनमर्जी के मुताबिक स्कूल खोलते और बंद करते हैं। ऐसा ही मामला जूनियर व प्राथमिक विद्यालय राजपुरा का है, जहां तैनात अध्यापक के न आने से पंजीकृत छात्र कबड्डी खेल रहे थे। खंड शिक्षा अधिकारी कमलेश गुप्ता का कहना है कि जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
माध्यमिक विद्यालय में कमलेश कुमार दीक्षित व शेषनारायन की तैनाती है और यहां 32 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। सुबह साढ़े नौ बजे तक स्कूल में अध्यापकों के न आने से छात्र कबड्डी खेल रहे थे। कक्षा 8 की छात्रा रंजना, रितु, कक्षा 6 की छात्रा निशा, रोशनी, रेनू ने बताया कि प्रधानाध्यापक कब आए कब चले जाएं पता नहीं। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय राजपुरा का है।
जहां अध्यापक राजेंद्र कुमार व शिक्षामित्र रंजना कुशवाहा की नियुक्ति है। इस स्कूल में 65 छात्र-छात्राएं पंजीकृत है। यहां पढ़ने वाली कक्षा 5वीं की छात्रा प्रिया, अंजलि, कक्षा चार के छात्र प्रशांत, अलीव का कहना है कि अध्यापक अक्सर विद्यालय देर से आते हैं और जल्दी चले जाते हैं। फिलहाल अध्यापकों की मनमानी के चलते छात्रों का भविष्य अंधकारमय है। उधर, खंड शिक्षा अधिकारी ने जांच कर कार्रवाई की बात कही है।
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माध्यमिक विद्यालय में कमलेश कुमार दीक्षित व शेषनारायन की तैनाती है और यहां 32 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। सुबह साढ़े नौ बजे तक स्कूल में अध्यापकों के न आने से छात्र कबड्डी खेल रहे थे। कक्षा 8 की छात्रा रंजना, रितु, कक्षा 6 की छात्रा निशा, रोशनी, रेनू ने बताया कि प्रधानाध्यापक कब आए कब चले जाएं पता नहीं। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय राजपुरा का है।
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जहां अध्यापक राजेंद्र कुमार व शिक्षामित्र रंजना कुशवाहा की नियुक्ति है। इस स्कूल में 65 छात्र-छात्राएं पंजीकृत है। यहां पढ़ने वाली कक्षा 5वीं की छात्रा प्रिया, अंजलि, कक्षा चार के छात्र प्रशांत, अलीव का कहना है कि अध्यापक अक्सर विद्यालय देर से आते हैं और जल्दी चले जाते हैं। फिलहाल अध्यापकों की मनमानी के चलते छात्रों का भविष्य अंधकारमय है। उधर, खंड शिक्षा अधिकारी ने जांच कर कार्रवाई की बात कही है।
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