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Jalaun News: 403 करोड़ से बढ़ेगी झांसी-गोविंदपुरी रेलखंड की ओएचई क्षमता
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उरई। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी से गोविंदपुरी रेल खंड पर ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) लाइन की क्षमता बढ़ाने के लिए 403 करोड़ रुपये की परियोजना को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंजूरी दे दी है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य भविष्य में ट्रेनों की बढ़ती संख्या को सुचारू रूप से संचालित करना है।
वर्तमान में इस रेलखंड पर 25 केवी विद्युत कर्षण प्रणाली के माध्यम से ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। भविष्य में ट्रेनों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए इस प्रणाली को दोगुना करने की योजना है। इसके तहत बिजलीघरों और ट्रैक किनारे स्थित उप विद्युत केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। साथ ही अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे जिससे विद्युत आपूर्ति की क्षमता दोगुनी हो जाएगी। यह उन्नयन ट्रेनों की गति बनाए रखने और वोल्टेज से जुड़ीं समस्याओं को समाप्त करने में सहायक होगा।
झांसी मंडल के पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इस परियोजना से रेल परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उच्च गति की यात्री ट्रेनों और भारी मालगाड़ियों के संचालन में सुगमता आएगी, और विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता भी बेहतर होगी। यह परियोजना अप और डाउन ट्रैक मिलाकर कुल 426 ट्रैक किलोमीटर क्षेत्र को कवर करेगी। वर्ष 2026-27 तक, यह पूरा रेलखंड ऑटोमेटिक सिग्नल प्रणाली से भी लैस हो जाएगा, जिससे झांसी-कानपुर रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन और अधिक बढ़ाया जा सकेगा।
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वर्तमान में इस रेलखंड पर 25 केवी विद्युत कर्षण प्रणाली के माध्यम से ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। भविष्य में ट्रेनों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए इस प्रणाली को दोगुना करने की योजना है। इसके तहत बिजलीघरों और ट्रैक किनारे स्थित उप विद्युत केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। साथ ही अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे जिससे विद्युत आपूर्ति की क्षमता दोगुनी हो जाएगी। यह उन्नयन ट्रेनों की गति बनाए रखने और वोल्टेज से जुड़ीं समस्याओं को समाप्त करने में सहायक होगा।
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झांसी मंडल के पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इस परियोजना से रेल परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उच्च गति की यात्री ट्रेनों और भारी मालगाड़ियों के संचालन में सुगमता आएगी, और विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता भी बेहतर होगी। यह परियोजना अप और डाउन ट्रैक मिलाकर कुल 426 ट्रैक किलोमीटर क्षेत्र को कवर करेगी। वर्ष 2026-27 तक, यह पूरा रेलखंड ऑटोमेटिक सिग्नल प्रणाली से भी लैस हो जाएगा, जिससे झांसी-कानपुर रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन और अधिक बढ़ाया जा सकेगा।
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