{"_id":"5c97cdd8bdec22140e1077fd","slug":"21553452504-jalaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बूथों में बिजली-पानी व शौचालय जैसी सुविधाएं दुरुस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बूथों में बिजली-पानी व शौचालय जैसी सुविधाएं दुरुस्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उरई। लोकसभा चुनाव को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को तेज कर दिया है। इस बार खासतौर पर बूथों की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर प्रतिदिन एसडीएम अपने क्षेत्र में पड़ने वाले बूथों का निरीक्षण कर बिजली-पानी, सड़क व शौचालय जैसी सुविधाओं को दुरुस्त कराने में लगे हैं। यही वजह है कि जिन स्कूलों में कभी अव्यवस्थाओं का अंबार लगा रहता था आज उनमें भी रंग रोगन व साफ सफाई के साथ व्यवस्थाएं दुरुस्त नजर आ रही हैं। बूथों को देखकर ऐसा लगता है कि भी बूथ मतदान को लेकर तैयार है और बस मतदाताओं का इंतजार है। हालांकि की प्रशासन की तमाम कोशिशों के बाद भी कुछ बूथ अभी भी अव्यवस्थाओं से जूझ रहे है।
कस्बा एट में यू तो कई मतदान स्थल व बूथ बनाए गए है, लेकिन इस बार प्रशासन ने क्षेत्र के लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से थाने के बगल में बने प्राथमिक विद्यालय को आदर्श बूथ बनाया है। जहां प्रशासनिक अधिकारियों ने विशेष अभियान चलाकर साफ सफाई, पीने के पानी के साथ साथ अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करा दिया है। स्थिति यह है कि विद्यालय में अब तक कई अधिकारी बूथों का निरीक्षण कर चुके है। प्रधानाचार्य आरती पाल ने बताया कि विद्यालय में जो भी खामियां थी, उन्हें प्रशासन के निर्देशानुसार दुरुस्त करा लिया गया है।
सरावन के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पिछले कई महीनों से बिजली की सप्लाई बाधित है। जर्जर तारों की वजह से आएदिन विद्यालय की सप्लाई कई-कई दिन तक ठप बनी रहती थी। कई बार सप्लाई व्यवस्था दुरुस्त कराने को लेकर अध्यापक व गांव के अन्य लोग प्रयास कर चुके हैं, लेकिन विद्यालय की सप्लाई ठीक नहीं हो सकी थी। विद्यालय के बूथ घोषित होते ही यहां अधिकारियों के दौरों का क्रम शुरू हो गया और साफ सफाई के साथ विद्यालय में बिजली के लिए तत्काल प्रभाव से सौर ऊर्जा के उपकरण भी लगा दिए गए है। इससे ग्रामीण काफी खुश है। ग्रामीणों का कहना है कि जो काम के लिए वह पिछले कई दिनों से चक्कर लगा रहे थे, वह काम चुनाव की वजह से तत्काल हो गया।
विज्ञापन
आटा में जिला प्रशासन ने चुनाव आयोग के निर्देश मिलते ही अपनी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी। आटा में इस बार प्रशासन ने चार मतदान बूथ केंद्र बनाए है। इसमें से कन्या प्राथमिक विद्यालय में बूथ संख्या 322 बनाया है। इस विद्यालय के बूथ बनते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने विद्यालय के अंदर साफ सफाई व रंगाई पुताई के साथ शौचालय, बिजली व पीने के पानी के इंतजाम दुरुस्त कर लिए, लेकिन विद्यालय के बाहर कोई इंतजाम नहीं किए। स्थिति यह है कि विद्यालय के बाहर जहां गंदगी का अंबार लगा रहता है वहीं नालियों का पानी खुले में बह रहा है। जिससे ग्रामीणों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
कस्बा एट में यू तो कई मतदान स्थल व बूथ बनाए गए है, लेकिन इस बार प्रशासन ने क्षेत्र के लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से थाने के बगल में बने प्राथमिक विद्यालय को आदर्श बूथ बनाया है। जहां प्रशासनिक अधिकारियों ने विशेष अभियान चलाकर साफ सफाई, पीने के पानी के साथ साथ अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करा दिया है। स्थिति यह है कि विद्यालय में अब तक कई अधिकारी बूथों का निरीक्षण कर चुके है। प्रधानाचार्य आरती पाल ने बताया कि विद्यालय में जो भी खामियां थी, उन्हें प्रशासन के निर्देशानुसार दुरुस्त करा लिया गया है।
विज्ञापन
सरावन के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पिछले कई महीनों से बिजली की सप्लाई बाधित है। जर्जर तारों की वजह से आएदिन विद्यालय की सप्लाई कई-कई दिन तक ठप बनी रहती थी। कई बार सप्लाई व्यवस्था दुरुस्त कराने को लेकर अध्यापक व गांव के अन्य लोग प्रयास कर चुके हैं, लेकिन विद्यालय की सप्लाई ठीक नहीं हो सकी थी। विद्यालय के बूथ घोषित होते ही यहां अधिकारियों के दौरों का क्रम शुरू हो गया और साफ सफाई के साथ विद्यालय में बिजली के लिए तत्काल प्रभाव से सौर ऊर्जा के उपकरण भी लगा दिए गए है। इससे ग्रामीण काफी खुश है। ग्रामीणों का कहना है कि जो काम के लिए वह पिछले कई दिनों से चक्कर लगा रहे थे, वह काम चुनाव की वजह से तत्काल हो गया।
विज्ञापन
आटा में जिला प्रशासन ने चुनाव आयोग के निर्देश मिलते ही अपनी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी। आटा में इस बार प्रशासन ने चार मतदान बूथ केंद्र बनाए है। इसमें से कन्या प्राथमिक विद्यालय में बूथ संख्या 322 बनाया है। इस विद्यालय के बूथ बनते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने विद्यालय के अंदर साफ सफाई व रंगाई पुताई के साथ शौचालय, बिजली व पीने के पानी के इंतजाम दुरुस्त कर लिए, लेकिन विद्यालय के बाहर कोई इंतजाम नहीं किए। स्थिति यह है कि विद्यालय के बाहर जहां गंदगी का अंबार लगा रहता है वहीं नालियों का पानी खुले में बह रहा है। जिससे ग्रामीणों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।