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यमुना में भक्तों ने लगाई आस्था की डुबकी
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कालपी (जालौन)। मकर संक्रांति पर्व पर मंगलवार को पवित्र यमुना नदी में हजारों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाकर दान, पुण्य किया। मंदिरों में भी पूजा-अर्चना की गई।
मकर संक्रांति पर्व के चलते सुबह से ही आसपास के ग्रामीण अंचलों के हजारों की संख्या में महिलाएं, बच्चे, युवा व बुजुर्ग यमुना नदी के पावन तट किला घाट, राजघाट, व्यास घाट, पीला घाट आदि स्थानों में पहुंचे। श्रद्धालुओं ने सबसे यमुना नदी में श्रद्धा पूर्वक स्नान किया। धार्मिक परंपराओं के मुताबिक व्यास गंगा का संगम कालपी की यमुना में होता है इसी वजह से लोग इसे संगम नदी का स्वरूप देते हैं।
विदित हो कि यमुना नदी के तट में बांके बिहारी धाम, बाबा पातालेश्वर मंदिर, व्यास मंदिर, आदि पवित्र धार्मिक स्थल है। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना कर दान-पुण्य किया। घाटों में विभिन्न सामाजिक संगठनों के द्वारा सामूहिक खिचड़ी भोज का आयोजन परंपरागत तरीके से किया गया।
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यहां विधायक नरेंद्र सिंह जादौन, उपजिलाधिकारी सुनील कुमार शुक्ला, कोतवाल सुधाकर मिश्रा, पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि जगजीवन अहिरवार, नगर पालिका अधिशाषी अधिकारी सुशील कुमार दोहरे ने घूम-घूम कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नगर पालिका एवं प्रशासन की ओर से घाटों में अलाव की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा सुरक्षा की दृष्टि से नदी में सुरक्षा बलों के साथ तैराक भी मौजूद रहे।
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मकर संक्रांति पर्व के चलते सुबह से ही आसपास के ग्रामीण अंचलों के हजारों की संख्या में महिलाएं, बच्चे, युवा व बुजुर्ग यमुना नदी के पावन तट किला घाट, राजघाट, व्यास घाट, पीला घाट आदि स्थानों में पहुंचे। श्रद्धालुओं ने सबसे यमुना नदी में श्रद्धा पूर्वक स्नान किया। धार्मिक परंपराओं के मुताबिक व्यास गंगा का संगम कालपी की यमुना में होता है इसी वजह से लोग इसे संगम नदी का स्वरूप देते हैं।
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विदित हो कि यमुना नदी के तट में बांके बिहारी धाम, बाबा पातालेश्वर मंदिर, व्यास मंदिर, आदि पवित्र धार्मिक स्थल है। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना कर दान-पुण्य किया। घाटों में विभिन्न सामाजिक संगठनों के द्वारा सामूहिक खिचड़ी भोज का आयोजन परंपरागत तरीके से किया गया।
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यहां विधायक नरेंद्र सिंह जादौन, उपजिलाधिकारी सुनील कुमार शुक्ला, कोतवाल सुधाकर मिश्रा, पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि जगजीवन अहिरवार, नगर पालिका अधिशाषी अधिकारी सुशील कुमार दोहरे ने घूम-घूम कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नगर पालिका एवं प्रशासन की ओर से घाटों में अलाव की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा सुरक्षा की दृष्टि से नदी में सुरक्षा बलों के साथ तैराक भी मौजूद रहे।