{"_id":"5e29e86e8ebc3e4b3268d767","slug":"20-thousand-raped-by-saying-that-lottery-worth-six-lakhs-orai-news-knp540289623","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह लाख की लाटरी का झांसा देकर 20 हजार हड़पे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह लाख की लाटरी का झांसा देकर 20 हजार हड़पे
विज्ञापन
कदौरा। मोबाइल पर 6 लाख की लाटरी का झांसा देकर युवक से 20 हजार रुपय हड़पने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित ने पुलिस से मामले की शिकायत तो थाना प्रभारी ने भी जांच पड़ताल की बात कहकर उसे टरका दिया। पीड़ित का कहना है कि वह मामले की शिकायत सीओ से करेगा।
कस्बे के मोहल्ला सिद्धार्थ नगर निवासी ब्रजेश पुत्र कामता प्रसाद ने बताया कि बुधवार को उसके मोबाइल पर एक काल आई, बोलने वाले ने स्वयं को एसबीआई का बैंक मैनेजर बताकर कहा कि उसकी 6 लाख की लाटरी निकली है। जिसे पाने के लिए उसे बताए गए खाते में 20 हजार रुपये जमा करने होंगे। ब्रजेश के मुताबिक वह टप्पेबाज की बातों में फंस गया और उसने बताए गए खाता नंबर पर 20 हजार रुपये जमा करा दिए।
इसके बाद जब वह बैंक पहुंचा और मामला पता किया तो उसे जानकारी हुई कि वह टप्पेबाजी का शिकार हो गया है। इसके बाद कई बार उक्त नंबर को मिलाकर बात करने का प्रयास किया लेकिन नंबर स्विच आफ ही बताता रहा। बृजेश के मुताबिक वह गैर जनपद रहकर मेहनत मजदूरी करता है और पिता के इलाज के लिए कस्बा आया था। अब खाते में रुपये भी नहीं बचे, पिता का इलाज कैसे होगा, उसे कुछ समझ नहीं आ रहा है। ब्रजेश ने थाने जाकर शिकायत की तो पुलिस ने भी उसे जांच कर कार्रवाई का आश्वासन देकर चलता कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
कस्बे के मोहल्ला सिद्धार्थ नगर निवासी ब्रजेश पुत्र कामता प्रसाद ने बताया कि बुधवार को उसके मोबाइल पर एक काल आई, बोलने वाले ने स्वयं को एसबीआई का बैंक मैनेजर बताकर कहा कि उसकी 6 लाख की लाटरी निकली है। जिसे पाने के लिए उसे बताए गए खाते में 20 हजार रुपये जमा करने होंगे। ब्रजेश के मुताबिक वह टप्पेबाज की बातों में फंस गया और उसने बताए गए खाता नंबर पर 20 हजार रुपये जमा करा दिए।
विज्ञापन
इसके बाद जब वह बैंक पहुंचा और मामला पता किया तो उसे जानकारी हुई कि वह टप्पेबाजी का शिकार हो गया है। इसके बाद कई बार उक्त नंबर को मिलाकर बात करने का प्रयास किया लेकिन नंबर स्विच आफ ही बताता रहा। बृजेश के मुताबिक वह गैर जनपद रहकर मेहनत मजदूरी करता है और पिता के इलाज के लिए कस्बा आया था। अब खाते में रुपये भी नहीं बचे, पिता का इलाज कैसे होगा, उसे कुछ समझ नहीं आ रहा है। ब्रजेश ने थाने जाकर शिकायत की तो पुलिस ने भी उसे जांच कर कार्रवाई का आश्वासन देकर चलता कर दिया।
विज्ञापन