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विश्व पटल पर फैलाई जाएगी बुंदेलखंड की संस्कृति
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उरई। बुंदेलखंड की संस्कृति को देश में नया मंच मिले, साथ ही विश्व पटल पर इसकी पहचान बने इसके लिए प्रयास किए जाएंगे। यह बात भारत सांस्कृतिक सहयोग परिषद आईसीसीआर के नवमनोनीत सदस्य पवन ने कही। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से परिषद ने उन पर विश्वास जताया है, उसके अनुरूप कार्य करेंगे।
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के अधीन संस्था आईसीसीआर के अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य डा. विनय सहत्रबुद्धे ने जनपद के डा. पवनपुत्र बादल को संस्था का सदस्य नामित किया है। इसकी खबर जब पवन के समर्थकों को हुई तो उन्होंने खुशी का इजहार कर मिठाई बांटी।
उन्होंने कहा कि यह संस्था पूरे विश्व में भारत की संस्कृति साहित्य के संबंध में प्रचार प्रसार करती है। देश के साहित्यकार विदेशों में जाते हैं और विदेशों के यहां पर बुलाए जाते हैं। सभी देशों के साथ परस्पर सांस्कृतिक संबंधों का वैश्विक मंच है। इसके माध्यम से वह अपने देश की संस्कृति को विश्व पटल पर रख सकेंगे।
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उन्होंने कहा कि उनका प्रयास बुंदेलखंड की संस्कृति को भी एक अलग पहचान दिलाने के लिए रहेगा। वह चाहते है कि बुंदेली परंपराओं को आने वाली पीढ़ी समझ सके. इसके लिए भी प्रयास किए जाएंगे। संस्था के पदाधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और सूबे के मुख्यमंत्री ने उनके नाम का अनुमोदन किया है, इसके लिए वह सभी का आभार जताते है और प्रयास करेंगे कि दी गई जिम्मेदारी पूरी निष्ठा के साथ निभाएं।
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भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के अधीन संस्था आईसीसीआर के अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य डा. विनय सहत्रबुद्धे ने जनपद के डा. पवनपुत्र बादल को संस्था का सदस्य नामित किया है। इसकी खबर जब पवन के समर्थकों को हुई तो उन्होंने खुशी का इजहार कर मिठाई बांटी।
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उन्होंने कहा कि यह संस्था पूरे विश्व में भारत की संस्कृति साहित्य के संबंध में प्रचार प्रसार करती है। देश के साहित्यकार विदेशों में जाते हैं और विदेशों के यहां पर बुलाए जाते हैं। सभी देशों के साथ परस्पर सांस्कृतिक संबंधों का वैश्विक मंच है। इसके माध्यम से वह अपने देश की संस्कृति को विश्व पटल पर रख सकेंगे।
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उन्होंने कहा कि उनका प्रयास बुंदेलखंड की संस्कृति को भी एक अलग पहचान दिलाने के लिए रहेगा। वह चाहते है कि बुंदेली परंपराओं को आने वाली पीढ़ी समझ सके. इसके लिए भी प्रयास किए जाएंगे। संस्था के पदाधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और सूबे के मुख्यमंत्री ने उनके नाम का अनुमोदन किया है, इसके लिए वह सभी का आभार जताते है और प्रयास करेंगे कि दी गई जिम्मेदारी पूरी निष्ठा के साथ निभाएं।