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तीन साल से खराब पड़ा ट्यूबवेल, सिंचाई का संकट
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सिरसाकलार। गर्मी का मौसम शुरू होते ही किसानों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो गया। क्षेत्र के खड़गोई मुस्तिकल गांव का सरकारी ट्यूबवेल पिछले तीन सालों से खराब पड़ा है। जिस कारण मौजे के किसानों को किराए पर पानी लेकर काम चलाना पड़ रहा है। अवर अभियंता गिरजाशंकर का कहना है कि जल्द ट्यूबवेल को रीबोर कर चालू कराया जाएगा।
बता दें कि ट्यूबवेल नंबर 141 पिछले तीन सालों से खराब पड़ा है। एक दो बार मरम्मत कराकर उसे चालू भी कराया गया पर कुछ दिन बाद फिर से पानी देना बंद कर दिया। गांव के किसान मुमताज, प्रकाश, विक्रम वीर सिंह आदि ने बताया कि पूरे मौजे में एक ही ट्यूबवेल था, जिससे करीब 150 बीघा से अधिक खेत सींचे जाते थे, पर इसके बंद होने से अब किराए पर पानी लाना पड़ रहा है। नहरों में भी पानी नहीं आता है।
कई बार तहसील दिवस में शिकायत की जा चुकी है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। प्रधान संतराम सिंह का कहना है कि किराए के पानी के कारण किसानों को खेती करना काफी मंहगा पड़ रहा है, लिहाजा ट्यूबवेल चालू हो तो कुछ राहत मिल सके। विभाग के अवर अभियंता गिरजाशंकर ने बताया कि ट्यूबवेल की मशीन काफी नीचे चली गई है, इस कारण ही दिक्कत आ रही है। रीबोर की कार्ययोजना बनाकर भेजी गई है, जल्द ही उसे चालू करा दिया जाएगा।
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बता दें कि ट्यूबवेल नंबर 141 पिछले तीन सालों से खराब पड़ा है। एक दो बार मरम्मत कराकर उसे चालू भी कराया गया पर कुछ दिन बाद फिर से पानी देना बंद कर दिया। गांव के किसान मुमताज, प्रकाश, विक्रम वीर सिंह आदि ने बताया कि पूरे मौजे में एक ही ट्यूबवेल था, जिससे करीब 150 बीघा से अधिक खेत सींचे जाते थे, पर इसके बंद होने से अब किराए पर पानी लाना पड़ रहा है। नहरों में भी पानी नहीं आता है।
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कई बार तहसील दिवस में शिकायत की जा चुकी है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। प्रधान संतराम सिंह का कहना है कि किराए के पानी के कारण किसानों को खेती करना काफी मंहगा पड़ रहा है, लिहाजा ट्यूबवेल चालू हो तो कुछ राहत मिल सके। विभाग के अवर अभियंता गिरजाशंकर ने बताया कि ट्यूबवेल की मशीन काफी नीचे चली गई है, इस कारण ही दिक्कत आ रही है। रीबोर की कार्ययोजना बनाकर भेजी गई है, जल्द ही उसे चालू करा दिया जाएगा।
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