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अंडर पास निर्माण को लेकर सतोह के ग्रामीणों में गुस्सा
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कोंच (जालौन)। रेल विभाग द्वारा एट-कोंच रेल लाइन पर पड़ने वाले ग्राम सतोह के मानव रहित क्रॉसिंग पर अंडर पास बनाए जाने को लेकर ग्रामीणों में रोष है। हालांकि ये मामला कई महीने से चला आ रहा है लेकिन अब ऐन चुनाव के वक्त गांववालों ने एक बार फिर इस मुद्दे को हवा दे दी है। उन्होंने रेलवे लाइन के किनारे बैठकर नारेबाजी की।
रेलवे द्वारा बनाए जा रहे इस अंडर पास से ग्रामीण खासे नाराज हैं, उनका कहना है कि अंडरपास से किसानों के साथ-साथ पूरे गांव का नुकसान है। उन्होंने इस पूरे निर्माण को ही अवैध करार देते हुए कहा कि इस समस्या को लेकर पिछले काफी समय से ग्रामीण आंदोलित हैं लेकिन नक्कारखाने में तूती की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। कोंच-एट रेल मार्ग पर पड़ने वाले ग्राम सतोह में मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग बंद करने के उद्देश्य से रेल लाइन के नीचे अंडर पास का निर्माण शुरू किया था।
काफी समय तक रेल विभाग के अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच इस मसले को लेकर रस्साकशी का दौर चलता रहा। वहां के निवासी सौरभ पटेल उस जमीन को अपने खेत का हिस्सा बताते रहे जहां से अंडरपास निकाला जा रहा है। यहां तक कि निर्माण बंद कराने के लिए वह उच्च न्यायालय तक गए लेकिन निर्माण कार्य रुकवाया नहीं जा सका। अब जबकि लोकसभा सिर पर है, शासन प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए ग्रामीण एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं और अंडर पास के पास फट्टा बिछाकर विरोध जताया।
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मेरे भूखंड पर बनाया जा रहा है अंडर पास-सौरभ
अंडर पास निर्माण का तीखा विरोध कर रहे किसान सौरभ पटेल का कहना है कि अंडरपास उनकी निजी भूमि में बनाया जा रहा है। निरीक्षण करने आई राजस्व विभाग की टीम ने भी माना कि उक्त भूखंड सौरभ का है लेकिन रेल प्रशासन अपनी जिद पर अड़ा है और अंडर पास निर्माण से बाज नहीं आ रहा है। निर्माण भी गलत साइड में किया जा रहा है, इसके बनने से किसानों का नुकसान होगा क्योंकि बारिश में पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं होने से उनके खेत तालाब बन जाएंगे और फसलें सड़ जाएंगी।
अंडर पास बनाना है तो सही जगह चुनें-हरनारायण
गांव सतोह के बुजुर्ग हरनारायण दाऊ का कहना है कि अंडर पास की समस्या को लेकर स्थानीय प्रशासन से लेकर रेल प्रशासन और इलाके के सभी जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया था लेकिन किसी ने भी इसे गंभीरता से नहीं लिया। अगर यह अंडर पास बनता है तो उनका गांव बारिश के मौसम में टापू बनकर रह जाएगा और गांववासी न तो बाजार जा सकेंगे और न ही बच्चे पढने जा सकेंगे। उन्होंने एक बार फिर मांग उठाई है कि अंडर पास अगर बनाना ही है तो सही स्थान का चयन किया जाए।
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रेलवे द्वारा बनाए जा रहे इस अंडर पास से ग्रामीण खासे नाराज हैं, उनका कहना है कि अंडरपास से किसानों के साथ-साथ पूरे गांव का नुकसान है। उन्होंने इस पूरे निर्माण को ही अवैध करार देते हुए कहा कि इस समस्या को लेकर पिछले काफी समय से ग्रामीण आंदोलित हैं लेकिन नक्कारखाने में तूती की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। कोंच-एट रेल मार्ग पर पड़ने वाले ग्राम सतोह में मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग बंद करने के उद्देश्य से रेल लाइन के नीचे अंडर पास का निर्माण शुरू किया था।
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काफी समय तक रेल विभाग के अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच इस मसले को लेकर रस्साकशी का दौर चलता रहा। वहां के निवासी सौरभ पटेल उस जमीन को अपने खेत का हिस्सा बताते रहे जहां से अंडरपास निकाला जा रहा है। यहां तक कि निर्माण बंद कराने के लिए वह उच्च न्यायालय तक गए लेकिन निर्माण कार्य रुकवाया नहीं जा सका। अब जबकि लोकसभा सिर पर है, शासन प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए ग्रामीण एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं और अंडर पास के पास फट्टा बिछाकर विरोध जताया।
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मेरे भूखंड पर बनाया जा रहा है अंडर पास-सौरभ
अंडर पास निर्माण का तीखा विरोध कर रहे किसान सौरभ पटेल का कहना है कि अंडरपास उनकी निजी भूमि में बनाया जा रहा है। निरीक्षण करने आई राजस्व विभाग की टीम ने भी माना कि उक्त भूखंड सौरभ का है लेकिन रेल प्रशासन अपनी जिद पर अड़ा है और अंडर पास निर्माण से बाज नहीं आ रहा है। निर्माण भी गलत साइड में किया जा रहा है, इसके बनने से किसानों का नुकसान होगा क्योंकि बारिश में पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं होने से उनके खेत तालाब बन जाएंगे और फसलें सड़ जाएंगी।
अंडर पास बनाना है तो सही जगह चुनें-हरनारायण
गांव सतोह के बुजुर्ग हरनारायण दाऊ का कहना है कि अंडर पास की समस्या को लेकर स्थानीय प्रशासन से लेकर रेल प्रशासन और इलाके के सभी जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया था लेकिन किसी ने भी इसे गंभीरता से नहीं लिया। अगर यह अंडर पास बनता है तो उनका गांव बारिश के मौसम में टापू बनकर रह जाएगा और गांववासी न तो बाजार जा सकेंगे और न ही बच्चे पढने जा सकेंगे। उन्होंने एक बार फिर मांग उठाई है कि अंडर पास अगर बनाना ही है तो सही स्थान का चयन किया जाए।