फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   13 lakhs were spent in the pit, Station Road started deteriorating again

Jalaun News: 13 लाख गए गड्ढे में, फिर खराब होने लगी स्टेशन रोड

Fri, 06 Dec 2024 12:00 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन Updated Fri, 06 Dec 2024 12:00 AM IST
विज्ञापन
13 lakhs were spent in the pit, Station Road started deteriorating again
उरई। जिस सड़क पर गड्ढे भरने के लिए 13 लाख रुपये खर्च किए गए, वह 15 दिन भी नहीं टिक पाई। फिर खराब होने लगी है। नगर पालिका ने जितने बजट से गड्ढे भरे, उतने में सड़क का नवीनीकरण हो सकता था, जिससे सड़क कई साल तक ठीक रहती। लेकिन गुणवत्ता की अनदेखी करते हुए बड़ी राशि खर्च कर सिर्फ गड्ढे भरे गए। अब सड़क की खराब गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विज्ञापन

शहर के शहीद भगत सिंह चौराहा से लेकर स्टेशन रोड और राठ रोड पुल तक 1.5 किमी. तक नगर पालिका ने गड्ढे भरवाने का काम कराया था। इस कार्य पर राज्य वित्त से करीब 13 लाख रुपये खर्च हुए। यह काम सिर्फ 15 दिन में ही चल पाया। कुछ जगह पुराने गड्ढे फिर से उभर आए हैं, तो कहीं नए गड्ढे बन गए हैं। इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
विज्ञापन

शहरवासियों को उम्मीद थी कि गड्ढे भरने के बाद उन्हें राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इस समस्या को लेकर अमर उजाला ने कई बार मुद्दा उठाया था। नगर पालिका के अधिकारी जल्दबाजी में काम करके उच्च अधिकारियों की फटकार और कार्रवाई से बचने की कोशिश कर रहे थे। 24 से 26 नवंबर के बीच सड़क पर गड्ढे भरवाने का काम किया गया, लेकिन 15 दिन भी सही से यह काम नहीं टिक पाया।
विज्ञापन
विज्ञापन




नवीनीकरण में खर्च होता पांच से छह लाख का बजट

नाम न छापने की शर्त पर एक जूनियर इंजीनियर ने बताया कि नगर पालिका ने जो गड्ढे भरे, उनमें मानकों का पालन नहीं किया गया। जितने बजट में यह काम किया गया, उतने में पीडब्ल्यूडी के अनुसार, सड़क का नवीनीकरण हो सकता था। पीडब्ल्यूडी में सड़क के पुनर्निर्माण के लिए कई चरणों में काम होता है।
पहले चरण का नवीनीकरण
मजबूती से नवीनीकरण के लिए सबसे ज्यादा बजट लगता है। एक किलोमीटर की सड़क बनाने में करीब सात से आठ लाख रुपये खर्च होते हैं। इसमें तीन स्तर होते हैं—पहले बड़ी गिट्टी (22.4-53 मिमी) से गड्ढे भरे जाते हैं, फिर टेक कोड और पीसी की जाती है। अंत में सील कोड होता है।


दूसरे चरण का नवीनीकरण:
कम बजट में नवीनीकरण के लिए दो सेंटीमीटर मोटाई का डामर लगाया जाता है। इसकी लागत पीडब्ल्यूडी के मानक के अनुसार 185-190 रुपये प्रति वर्गमीटर होती है।
तीसरे चरण का नवीनीकरण:
सील कोड सड़क के लिए प्रति वर्ग मीटर की लागत 55-60 रुपये होती है।

चौथे चरण का नवीनीकरण:
सबसे सस्ती प्रक्रिया में डामर से टेक कोड लगाया जाता है, जिसकी लागत 16-17 रुपये प्रति वर्ग मीटर होती है।
वर्जन-

अभी पेमेंट नहीं किया गया है। अगर गड्ढे उखड़ने लगे हैं तो उन्हें दोबारा भरा जाएगा। तीन महीने तक कोई पेमेंट नहीं होगा। इस दौरान तीन बार गड्ढे भरवाए जाएंगे। -राम अचल कुरील, ईओ, नगर पालिका
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed