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चौथी बार भी दिलचस्प होगी धुरंधरों की भिड़ंत
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उरई। इसे संजोग कहें या फिर कुछ और। जिले के लोकसभा चुनाव के इतिहास में यह पहला मौका होगा जब दो धुरंधर एक, दो नहीं बल्कि चौथी बार आमने-सामने होंगे। यह धुंरधर कोई और नहीं बल्कि बसपा से पूर्व सांसद रहे और वर्तमान में कांग्रेस के प्रत्याशी बृजलाल खाबरी और वर्तमान सांसद भानु प्रताप वर्मा ही है। भानु पर पार्टी हाईकमान ने सातवीं बार भरोसा जताकर उन्हें न सिर्फ टिकट दिया बल्कि जनपद की राजनीति के दो धुरंधरों को एक बार फिर से एक दूसरे के सामने ला खड़ा कर दिया है।
पहली बार खाबरी और भानु के बीच मुकाबला 1999 में हुआ। उस वक्त भी दोनों के बीच कांटे की टक्कर हुई थी। जिसमें खाबरी ने बसपा से चुनाव जीतकर भाजपा का विजय रथ रोकने का काम किया था। इसके बाद 2004 में एक बार यह दोनों हाथी और कमल के चुनाव चिह्न पर आमने सामने खड़े नजर आए। इस बार भी दोनों जातिगत वोटों के आधार पर लड़े और इस बार भानु ने अपनी हार का बदला लेते हुए बसपा प्रत्याशी बृजलाल खाबरी को करारी शिकस्त दी।
इसके बाद हुए 2009 के चुनाव में बृजलाल को बसपा ने प्रत्याशी नहीं बनाया और चुनाव भी सपा प्रत्याशी के नाम रहा। इसके बाद 2014 में पुराने लड़ाके एक बार फिर सामने आए। यानि इस बार भी मतदाताओं के सामने दोनों में से किसे चुना जाए इसकी कड़ी चुनौती थी, लेकिन मोदी लहर में भानु ने शानदार जीत दर्ज की इस बार भी बृजलाल को दूसरे नंबर से संतोष करना पड़ा। अब 2019 में एक बार फिर खाबरी और भानु आमने सामने हैं, तस्वीर बदली है तो सिर्फ इतनी इस बार खाबरी बसपा की बजाए कांग्रेस से मैदान में भले ही है, लेकिन उनके सामने भानु की चुनौती चौथी बार आ रही है। देखना दिलचस्प होगा कि चौथी लड़ाई में जीत का सेहरा किसके सिर बंधता है।
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पहली बार खाबरी और भानु के बीच मुकाबला 1999 में हुआ। उस वक्त भी दोनों के बीच कांटे की टक्कर हुई थी। जिसमें खाबरी ने बसपा से चुनाव जीतकर भाजपा का विजय रथ रोकने का काम किया था। इसके बाद 2004 में एक बार यह दोनों हाथी और कमल के चुनाव चिह्न पर आमने सामने खड़े नजर आए। इस बार भी दोनों जातिगत वोटों के आधार पर लड़े और इस बार भानु ने अपनी हार का बदला लेते हुए बसपा प्रत्याशी बृजलाल खाबरी को करारी शिकस्त दी।
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इसके बाद हुए 2009 के चुनाव में बृजलाल को बसपा ने प्रत्याशी नहीं बनाया और चुनाव भी सपा प्रत्याशी के नाम रहा। इसके बाद 2014 में पुराने लड़ाके एक बार फिर सामने आए। यानि इस बार भी मतदाताओं के सामने दोनों में से किसे चुना जाए इसकी कड़ी चुनौती थी, लेकिन मोदी लहर में भानु ने शानदार जीत दर्ज की इस बार भी बृजलाल को दूसरे नंबर से संतोष करना पड़ा। अब 2019 में एक बार फिर खाबरी और भानु आमने सामने हैं, तस्वीर बदली है तो सिर्फ इतनी इस बार खाबरी बसपा की बजाए कांग्रेस से मैदान में भले ही है, लेकिन उनके सामने भानु की चुनौती चौथी बार आ रही है। देखना दिलचस्प होगा कि चौथी लड़ाई में जीत का सेहरा किसके सिर बंधता है।
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