{"_id":"5c8aa2d1bdec22145411f8df","slug":"121552589521-jalaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंगनबाड़ी केंद्र जाएं, पालन पोषण संबंधी परामर्श पाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंगनबाड़ी केंद्र जाएं, पालन पोषण संबंधी परामर्श पाएं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उरई। पोषण पखवाड़े के अंतर्गत गुरुवार को जिले भर के 1814 आंगनबाड़ी केंद्रों पर साग सब्जी एवं पोषाहार से बनी रेसिपी प्रदर्शनी का आयोजन हुआ। इस दौरान मीठा व नमकीन दलिया, मठरी, पोषाहार से निर्मित लड्डू पुआ व गुलगुले बनाए गए। कई जगह प्रधानों ने रेसिपी प्रदर्शनी का निरीक्षण कर आंगनबाड़ी केंद्र की कर्मचारियों को पुरस्कृत भी किया। साथ ही बच्चों का पालन पोषण संबंधी परामर्श भी दिया गया।
पोषण पखवाड़े के अंतर्गत साग सब्जियों के प्रसार प्रचार के लिए पोषक तत्वों के महिलाओं व किशोरियों के खानपान में बढ़ावा देने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर रेसिपी प्रदर्शनी व प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। शहर के वार्ड नंबर 28 में सीडीपीओ विमलेश आर्या की मौजूदगी में रेसिपी प्रदर्शनी व प्रतियोगिता हुई।
इस दौरान सीडीपीओ ने कहा कि महिलाएं साफ सफाई का विशेष ख्याल रखें क्योंकि भले ही वह अच्छा खाना खा लें लेकिन यदि वह प्रदूषित है तो वह फायदा पहुंचाने की बजाय नुकसान पहुंचाएगा। उन्होंने देखा कि कई महिलाएं बीस रुपये का गुटका तो खा लेती हैं लेकिन बीस रुपये का फल नहीं खाएंगी। महिलाएं केवल दाल रोटी खाकर काम न चलाएं।
विज्ञापन
बल्कि खाने में पोषक तत्वों को शामिल करें ताकि उनमें एनीमिया की कमी को दूर किया जा सके। इस दौरान मुख्य सेविका करुणा, आंगनबाड़ी श्वेता शमा, नुसरत, शशिकांति व एएनएम डाली निरंजन भी मौजूद रहीं। यहां गौरतलब है कि जनपद में राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2015-16 के अनुसार जनपद में 15 से 49 साल की 59 प्रतिशत महिलाएं खून की कमी से ग्रसित है। जबकि छह से 59 माह तक के लगभग 84 बच्चे खून की कमी से ग्रसित हैं।
विज्ञापन
पोषण पखवाड़े के अंतर्गत साग सब्जियों के प्रसार प्रचार के लिए पोषक तत्वों के महिलाओं व किशोरियों के खानपान में बढ़ावा देने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर रेसिपी प्रदर्शनी व प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। शहर के वार्ड नंबर 28 में सीडीपीओ विमलेश आर्या की मौजूदगी में रेसिपी प्रदर्शनी व प्रतियोगिता हुई।
विज्ञापन
इस दौरान सीडीपीओ ने कहा कि महिलाएं साफ सफाई का विशेष ख्याल रखें क्योंकि भले ही वह अच्छा खाना खा लें लेकिन यदि वह प्रदूषित है तो वह फायदा पहुंचाने की बजाय नुकसान पहुंचाएगा। उन्होंने देखा कि कई महिलाएं बीस रुपये का गुटका तो खा लेती हैं लेकिन बीस रुपये का फल नहीं खाएंगी। महिलाएं केवल दाल रोटी खाकर काम न चलाएं।
विज्ञापन
बल्कि खाने में पोषक तत्वों को शामिल करें ताकि उनमें एनीमिया की कमी को दूर किया जा सके। इस दौरान मुख्य सेविका करुणा, आंगनबाड़ी श्वेता शमा, नुसरत, शशिकांति व एएनएम डाली निरंजन भी मौजूद रहीं। यहां गौरतलब है कि जनपद में राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2015-16 के अनुसार जनपद में 15 से 49 साल की 59 प्रतिशत महिलाएं खून की कमी से ग्रसित है। जबकि छह से 59 माह तक के लगभग 84 बच्चे खून की कमी से ग्रसित हैं।