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1195 निकले अपात्र, समाजवादी पेंशन रुकी
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Fri, 08 Jul 2016 11:10 PM IST
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बुढ़ापा पेंशन
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वृद्धा व समाजवादी पेंशन योजना का लाभ पात्रों के साथ अपात्रों के खाते में भी पहुंच गया है। चयन प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई जिससे अपात्रों को योजना का लाभ मिल गया। जब जिला स्तरीय अधिकारियों से सत्यापन कराया गया तो हकीकत सामने आ गई। अब विभागीय अधिकारी नोटिस भेज कर रिकवरी की तैयारी में हैं। पूरे जनपद में 1195
समाजवादी पेंशन धारक अपात्र निकले हैं। इनकी पेंशन पर तत्काल प्रभाव से रोक भी लगा दी गई है। सरकार की ओर से पेंशन योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इसमें गरीबों को समाजवादी पेंशन और 60 वर्ष की आयु पूरी करने वाले असहाय वृद्ध जनों को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। जिले में समाजवादी पेंशन योजना में 80 हजार गरीबों का चयन
किया जा चुका है। इसमें से 31 मार्च तक 40272 पात्रों के खाते में पेंशन भेजी जा चुकी है। पेंशन का लाभ लेने वाले पात्रों का सत्यापन जिला स्तरीय अधिकारियों की ओर से किया गया तो पोल खुलने लगी है। 1195 ऐसे पेंशन धारक निकले जो पात्रता की शर्तों को पूरा नहीं कर रहे थे, लेकिन योजना का लाभ ले रहे थे। रिपोर्ट आने के बाद समाज कल्याण विभाग ने
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तत्काल पेंशन पर रोक लगा दी। इसी के साथ नोटिस भी जारी किए जा रहे है। यही स्थिति वृद्धावस्था पेंशन में देखने को मिली। जनपद में 52006 पेंशन धारकों का सत्यापन किया
गया। इसमें से 985 तो ऐसे निकले जो मृतक हैं और पेंशन निकल रही है। इसके अलावा 346 ऐसे पेंशन धारक मिले जो शर्तों को पूरा नहीं कर रहे थे। अपात्र पेंशन धारकों से रिकवरी कराने के लिए विभाग की ओर से तैयारी की जा रही है।
कैसे हो गया अपात्रों का चयन
पेंशन योजना के लिए पात्रों के चयन में शासनादेश की अनदेखी की गई है। यही वजह है कि अपात्रों के हाथ में सरकार की योजना का लाभ पहुंच गया। चयन के लिए गांव में खुली बैठक कराने का प्रावधान है। इसके अलावा चार पहिया, दो पहिया वाहन न हो। तय वार्षिक आमदनी से आय अधिक न हो। इसके अलावा कई बिंदु है जिन पर पड़ताल के बाद ही चयन किया जाता है। अगर यह सब हुआ है तो फिर चयन कैसे हो गया यह बड़ा सवाल है।
दोषियों पर क्यों नहीं होती कार्रवाई
समाजवादी पेंशन योजना हो या फिर अन्य पेंशन योजना गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वालों के चयन की बात हो सभी जगह अधिकारियों की लापरवाही से विभाग और जनपद की फजीहत होती है। समाज कल्याण विभाग के अधिकारी अपात्र को तो नोटिस देने की बात कह रहे हैं लेकिन गलत चयन करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की बात पर चुप्पी साध रहे हैं। ये अधिकारी भी बराबर के दोषी हैं।
बोले जिम्मेदार
समाजवादी व वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ लेने वाले पात्रों का सत्यापन जिलास्तरीय अधिकारियों की ओर से किया गया। इसमें से जो अपात्र पाए गए, उनकी पेंशन पर रोक लगा दी गई। इसके साथ नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं। उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।-जीएस प्रजापति, जिला समाज कल्याण अधिकारी जालौन
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समाजवादी पेंशन धारक अपात्र निकले हैं। इनकी पेंशन पर तत्काल प्रभाव से रोक भी लगा दी गई है। सरकार की ओर से पेंशन योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इसमें गरीबों को समाजवादी पेंशन और 60 वर्ष की आयु पूरी करने वाले असहाय वृद्ध जनों को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। जिले में समाजवादी पेंशन योजना में 80 हजार गरीबों का चयन
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किया जा चुका है। इसमें से 31 मार्च तक 40272 पात्रों के खाते में पेंशन भेजी जा चुकी है। पेंशन का लाभ लेने वाले पात्रों का सत्यापन जिला स्तरीय अधिकारियों की ओर से किया गया तो पोल खुलने लगी है। 1195 ऐसे पेंशन धारक निकले जो पात्रता की शर्तों को पूरा नहीं कर रहे थे, लेकिन योजना का लाभ ले रहे थे। रिपोर्ट आने के बाद समाज कल्याण विभाग ने
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तत्काल पेंशन पर रोक लगा दी। इसी के साथ नोटिस भी जारी किए जा रहे है। यही स्थिति वृद्धावस्था पेंशन में देखने को मिली। जनपद में 52006 पेंशन धारकों का सत्यापन किया
गया। इसमें से 985 तो ऐसे निकले जो मृतक हैं और पेंशन निकल रही है। इसके अलावा 346 ऐसे पेंशन धारक मिले जो शर्तों को पूरा नहीं कर रहे थे। अपात्र पेंशन धारकों से रिकवरी कराने के लिए विभाग की ओर से तैयारी की जा रही है।
कैसे हो गया अपात्रों का चयन
पेंशन योजना के लिए पात्रों के चयन में शासनादेश की अनदेखी की गई है। यही वजह है कि अपात्रों के हाथ में सरकार की योजना का लाभ पहुंच गया। चयन के लिए गांव में खुली बैठक कराने का प्रावधान है। इसके अलावा चार पहिया, दो पहिया वाहन न हो। तय वार्षिक आमदनी से आय अधिक न हो। इसके अलावा कई बिंदु है जिन पर पड़ताल के बाद ही चयन किया जाता है। अगर यह सब हुआ है तो फिर चयन कैसे हो गया यह बड़ा सवाल है।
दोषियों पर क्यों नहीं होती कार्रवाई
समाजवादी पेंशन योजना हो या फिर अन्य पेंशन योजना गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वालों के चयन की बात हो सभी जगह अधिकारियों की लापरवाही से विभाग और जनपद की फजीहत होती है। समाज कल्याण विभाग के अधिकारी अपात्र को तो नोटिस देने की बात कह रहे हैं लेकिन गलत चयन करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की बात पर चुप्पी साध रहे हैं। ये अधिकारी भी बराबर के दोषी हैं।
बोले जिम्मेदार
समाजवादी व वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ लेने वाले पात्रों का सत्यापन जिलास्तरीय अधिकारियों की ओर से किया गया। इसमें से जो अपात्र पाए गए, उनकी पेंशन पर रोक लगा दी गई। इसके साथ नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं। उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।-जीएस प्रजापति, जिला समाज कल्याण अधिकारी जालौन