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जहरीला चारा खाने से 11 मवेशी मरे

Fri, 29 Jul 2016 10:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
अमर उजाला ब्यूरो, उरई Updated Fri, 29 Jul 2016 10:28 PM IST
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11 cattle died from eating poisonous bait
गाय
माधौगढ़ क्षेत्र में जहरीला चारा खाने से आधा दर्जन भैंसों समेत 11 मवेशियों की मौत हो गई। एक गाय और चार बकरियां भी काल केे गाल में समा गईं। एक साथ इतने जानवरों की मौत से पशु पालकों में हड़कंप मचा है। हैरत की बात तो यह है कि इस बाबत पशु पालन विभाग के अफसरों को अवगत कराने के बाद भी अभी तक न तो कोई जांच टीम पहुंची और न ही
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अधिकारी व कर्मचारी। अफसरों की उदासीनता से पशु पालक आक्रोशित हैं। पशु पालकों ने इस संबंध में डीएम को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि पशुओं की मौत जहरीला  चारा खाने से हुई है। गुस्साए पशुपालकों ने बस स्टैंड पर नारेबाजी भी की। क्षेत्र में जहरीला चारा खाने से पशुओं के मरने का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। पशु पालकों का कहना है कि खेतों
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पर चरने के लिए जाने वाली गायें जब लौटती हैं तो पेट में दर्द से उनकी मौत हो जाती है। इससे माना जा रहा है कि विषैले कीड़ों केे बैठने से जहरीला हुआ चारा खाने से जानवरों की मौत हो रही है। इससे पशुपालकों में दहशत का आलम है।  गुरुवार की शाम को चरकर लौटीं गोहनी निवासी पशुपालक रामशंकर, शिवराम पांचाल, अमर सिंह कुशवाहा व प्रहलाद की भैंसों
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की मौत हो गई। बलराम की तीन बकरियां एवं राजू की एक गाय भी चरकर लौटने के बाद काल केे गाल में समा गई। पशुपालकों का आरोप है कि जहरीला चारा खाने से मर रहे जानवरों केे बाबत पशुपालन विभाग के अधिकारियों को जानकारी भी दी गई, लेकिन अभी तक न तो टीम आई और न ही कोई विभागीय अधिकारी। गुस्साए पशुपालकों ने शुक्रवार को

बस स्टैंड तिराहे पर अफसरों के खिलाफ नारेबाजी की और डीएम संदीप कौर को इस संदर्भ में शिकायती पत्र भेजा। इसमें साफ तौर पर बताया गया है कि जानवरों की मौत से पशु पालकों को खासा नुकसान हुआ है। जिला प्रशासन से आर्थिक सहायता के साथ अन्य जानवर इसकी चपेट में न आएं इसके लिए जांच टीम मौके पर भेजने की मांग की गई। इस संबंध में पशु


चिकित्साधिकारी डा. एनके शर्मा का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के चलते खेतों में पडे़ चारे में विषैले कीडे़ बैठ जाने की वजह से वह जहरीला हो जाता है। लिहाजा किसान अपने जानवरों को खेतों में चराने की बजाए उनके लिए बाड़े में ही भूसे आदि की सानी दें।
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