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Jalaun News: कटान में 100 एकड़ जमीन सिंध में समाई, 15 मकान ढहे

Mon, 18 Aug 2025 12:52 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 18 Aug 2025 12:52 AM IST
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100 acres of land got submerged in Sindh due to erosion, 15 houses collapsed
फोटो 3– गांव की तरफ बढ़ रहा नदी का कटान। संवाद
उरई। रामपुरा ब्लॉक का मिर्जापुर जागीर गांव इन दिनों सिंध नदी के तेज कटान की मार झेल रहा है। स्थिति यह है कि अब तक 100 एकड़ उपजाऊ भूमि नदी में समा चुकी है। 15 मकान ढह चुके हैं। कई पेड़ नदी में बह गए हैं। लगातार हो रही कटान से 400 किसान प्रभावित हैं।
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जिन खेतों में कभी फसलें लहलहाती थीं, अब वहां नदी की धारा बह रही है। किसानों का कहना है कि हर साल कटान से खेती की जमीन सिकुड़ती जा रही है। अब हालात ऐसे हैं कि खेती लगभग पूरी तरह बंद हो चुकी है और घर उजड़ने लगे हैं। ग्रामीण बताते हैं कि सिंध नदी का कटान 30-35 साल से लगातार जारी है। हर साल थोड़ी-थोड़ी जमीन नदी में जाती रही और अब हालत यह है कि कटान गांव की चौखट तक पहुंच गया है। गांव ऊंचाई पर जरूर है, लेकिन कई मकान पहले ही ढह चुके हैं। ग्रामीण ने बताया कि अगर जल्द ही रोकथाम नहीं हुई तो आने वाले कुछ वर्षों में पूरा गांव नदी में समा जाएगा।
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गांव की आबादी लगभग दो हजार है। बारिश के मौसम में कटान के साथ-साथ बाढ़ का खतरा भी मंडराता है। जब नदी का जलस्तर बढ़ता है तो गांव को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह कट जाता है। परिणामस्वरूप गांव का संपर्क ब्लॉक मुख्यालय रामपुरा और नगर पंचायत से टूट जाता है। इस दौरान ग्रामीणों को कच्चे और दुर्गम रास्तों से गुजरना पड़ता है। बाढ़ के समय हालत और भी विकट हो जाते हैं। कई बार गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को इलाज के लिए समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल उनका नहीं बल्कि प्रशासन का भी संकट है, लेकिन अधिकारियों का ध्यान इस ओर कभी गंभीरता से नहीं गया।
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जनप्रतिनिधियों की उदासीनता
ग्रामीणों के अनुसार समस्या की शिकायत कई बार विधायक और डीएम तक की जा चुकी है। विधायक दो बार गांव आए भी, लेकिन उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनने से ही इन्कार कर दिया। आरोप है कि नेताओं और अधिकारियों की बेरुखी के चलते उनकी पीड़ा हर साल बढ़ती जा रही है। नहर विभाग के अधिकारी एक साल पहले गांव आए थे। ड्रोन से कटान क्षेत्र का सर्वे भी किया गया था और आश्वासन दिया कि जल्द ही स्थायी समाधान निकाला जाएगा। उसके बाद से अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।



नदी के कटान की जानकारी हुई है। मौके पर जाकर समस्या का जायजा लिया जाएगा और समाधान के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
- वेदप्रिया आर्या, एसडीएम, माधौगढ़
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