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आशा वर्कर को 10 लाभार्थी परिवारों का गोल्डनकार्ड बनवाने की जिम्मेदारी
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उरई। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा बैठक के बाद सीएमओ ने सभी चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देशित किया कि अगस्त माह में हर आशा वर्कर दस-दस लाभार्थी परिवारों के गोल्डन कार्ड बनवाए।
सीएमओ कार्यालय में आयोजित बैठक में सीएमओ ने सभी चिकित्सा अधीक्षक व प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिया कि वह अपने ब्लॉक के 10 ऐसे गांव का चुनाव करेंगे, जहां शत प्रतिशत गोल्डनकार्ड बनाया जाना है। इन ग्राम पंचायतों में कैंप के माध्यम से या माह के प्रथम बुधवार व शनिवार को बैठक के दौरान भी गोल्डनकार्ड बनाए जा सकते हैं।
आयुष्मान भारत के डीपीसी डा. आशीष झा ने बताया कि अगस्त माह में सभी आशा वर्कर व संगिनी अपने क्षेत्र के 10 लाभार्थी परिवारों का गोल्डन कार्ड नजदीक के जन सुविधा केंद्रों पर बनवाएंगी। उन्होंने बताया कि सीएससी केंद्रों पर प्रति गोल्डन कार्ड 30 रुपये का भुगतान लाभार्थी को स्वयं करना होता है। जबकि पंजीकृत सभी अस्पतालों में यह निशुल्क है। उन्होंने बताया कि अभी भी 24 गांव ऐसे है, जहां गोल्डन कार्ड नहीं बना है।
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सही व्यक्ति को जिम्मेदारी मिले
वेबिनार के माध्यम से नैतिक मूल्यों पर चर्चा की गई
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से नैतिक मूल्यों को लेकर आनलाइन वेबिनार का आयोजन किया गया। जिसमें व्यक्ति की योग्यता व रुचि के आधार पर काम बांटने को कहा गया।
इस दौरान मुख्य अतिथि आवास विकास परिषद के अतिरिक्त प्रबंधक राजेश मेहतानी ने कहा कि ज्ञान के अभाव में मनुष्य अनैतिक रहता है। आज ज्ञान का प्रकाश फैलने पर समाज की नैतिक जिम्मेदारी है कि सही जगह सही व्यक्ति का पदस्थापन हो अर्थात यदि दयालु व्यक्ति को व्यापारी बना दिया जाए तो वो उदारता में अपनी दुकान से ही हाथ धो बैठेगा और यदि एक व्यवसायी को प्रशासनिक पद पर बैठा दिया जाए तो वह वहां व्यापार शुरू कर देगा जिससे भ्रष्टाचार जेल जाएगा।
वेबिनार में उप शिक्षा निदेशक मंशाराम, उप निदेशक एमडीएम राजेश शाही, डीपीएस के प्रधानाचार्य एस कुमार समेत लगभग सौ प्रधानाचार्यों ने भाग लिया। डीआईओएस भगवत पटेल ने आभार जताया।
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सीएमओ कार्यालय में आयोजित बैठक में सीएमओ ने सभी चिकित्सा अधीक्षक व प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिया कि वह अपने ब्लॉक के 10 ऐसे गांव का चुनाव करेंगे, जहां शत प्रतिशत गोल्डनकार्ड बनाया जाना है। इन ग्राम पंचायतों में कैंप के माध्यम से या माह के प्रथम बुधवार व शनिवार को बैठक के दौरान भी गोल्डनकार्ड बनाए जा सकते हैं।
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आयुष्मान भारत के डीपीसी डा. आशीष झा ने बताया कि अगस्त माह में सभी आशा वर्कर व संगिनी अपने क्षेत्र के 10 लाभार्थी परिवारों का गोल्डन कार्ड नजदीक के जन सुविधा केंद्रों पर बनवाएंगी। उन्होंने बताया कि सीएससी केंद्रों पर प्रति गोल्डन कार्ड 30 रुपये का भुगतान लाभार्थी को स्वयं करना होता है। जबकि पंजीकृत सभी अस्पतालों में यह निशुल्क है। उन्होंने बताया कि अभी भी 24 गांव ऐसे है, जहां गोल्डन कार्ड नहीं बना है।
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सही व्यक्ति को जिम्मेदारी मिले
वेबिनार के माध्यम से नैतिक मूल्यों पर चर्चा की गई
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से नैतिक मूल्यों को लेकर आनलाइन वेबिनार का आयोजन किया गया। जिसमें व्यक्ति की योग्यता व रुचि के आधार पर काम बांटने को कहा गया।
इस दौरान मुख्य अतिथि आवास विकास परिषद के अतिरिक्त प्रबंधक राजेश मेहतानी ने कहा कि ज्ञान के अभाव में मनुष्य अनैतिक रहता है। आज ज्ञान का प्रकाश फैलने पर समाज की नैतिक जिम्मेदारी है कि सही जगह सही व्यक्ति का पदस्थापन हो अर्थात यदि दयालु व्यक्ति को व्यापारी बना दिया जाए तो वो उदारता में अपनी दुकान से ही हाथ धो बैठेगा और यदि एक व्यवसायी को प्रशासनिक पद पर बैठा दिया जाए तो वह वहां व्यापार शुरू कर देगा जिससे भ्रष्टाचार जेल जाएगा।
वेबिनार में उप शिक्षा निदेशक मंशाराम, उप निदेशक एमडीएम राजेश शाही, डीपीएस के प्रधानाचार्य एस कुमार समेत लगभग सौ प्रधानाचार्यों ने भाग लिया। डीआईओएस भगवत पटेल ने आभार जताया।