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खुदा की इबादत कर मांगी अमन चैन की दुआ
अमर उजाला, हाथ्ारस
Updated Tue, 13 Sep 2016 11:58 PM IST
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मुरसान गेट ईदगाह पर देश में अमन चैन की दुआ मांगते मुस्लिम समाज के लोग।
- फोटो : amar ujala
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ईद उल जुहा का पर्व मंगलवार को खुलूस और अकीदत के माहौल में मनाया गया। मुरसान गेट स्थित ईदगाह पर हजारों अकीदतमंदाें ने कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच नमाज अदा कर मुल्क और कौम की तरक्की की दुआएं मांगी। खुदा के सजदे में झुके हजारों सिर जैसे ही एक साथ आसमान की ओर उठे तो पूरा माहौल अल्लाह ओ अकबर की आवाजों से गूंज उठा।
मंगलवार की सुबह ईदगाह पर अकीदतमंदों का पहुंचना शुरू हो गया। पूरा ईदगाह परिसर नमाजियों से खचाखच भरा था। जिसे जहां जगह मिली, वहीं चादर बिछाकर बैठ गया। ईदगाह पर नमाजियों की कतारें लग गईं। कुरान की आयतों से तकरीरें पेश करते हुए शहर मुफ्ती मोहम्मद इमरान काशिमी ने अकीदतमंदों को कुर्बानी की अहमियत समझाई।
उन्हाेंने कहा कि कुर्बानी का मतलब केबल बकरा हलाल करने से नहीं, बल्कि बुराईयों की कुर्बानी से है। किसी बीमार, परेशान और गरीबों की मदद करना और किसी की जान बचाना भी कुर्बानी से कम नहीं है। अपनी बेहतरी और तरक्की का रास्ता कौम को खुद चुनना होगा।
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मुस्लिम इंतजामिया कमेटी के सदर हाजी रिजवान अहमद कुरैशी का ईद की नमाज में सहयोग रहा। शहर के अन्य कई मस्जिदों पर भी नमाज अदा कराई गई। यहां भी मुस्लिम समाज के सैकड़ों लोगों ने अपनी सहभागिता की। लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।
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मंगलवार की सुबह ईदगाह पर अकीदतमंदों का पहुंचना शुरू हो गया। पूरा ईदगाह परिसर नमाजियों से खचाखच भरा था। जिसे जहां जगह मिली, वहीं चादर बिछाकर बैठ गया। ईदगाह पर नमाजियों की कतारें लग गईं। कुरान की आयतों से तकरीरें पेश करते हुए शहर मुफ्ती मोहम्मद इमरान काशिमी ने अकीदतमंदों को कुर्बानी की अहमियत समझाई।
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उन्हाेंने कहा कि कुर्बानी का मतलब केबल बकरा हलाल करने से नहीं, बल्कि बुराईयों की कुर्बानी से है। किसी बीमार, परेशान और गरीबों की मदद करना और किसी की जान बचाना भी कुर्बानी से कम नहीं है। अपनी बेहतरी और तरक्की का रास्ता कौम को खुद चुनना होगा।
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मुस्लिम इंतजामिया कमेटी के सदर हाजी रिजवान अहमद कुरैशी का ईद की नमाज में सहयोग रहा। शहर के अन्य कई मस्जिदों पर भी नमाज अदा कराई गई। यहां भी मुस्लिम समाज के सैकड़ों लोगों ने अपनी सहभागिता की। लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।