{"_id":"6421935ed7d657a1770e6b53","slug":"worship-of-maa-katyayani-crowds-of-devotees-thronged-the-temples-2023-03-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"chaitra navratri 2023: मां कात्यायनी की हुई उपासना, मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
chaitra navratri 2023: मां कात्यायनी की हुई उपासना, मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़
Mon, 27 Mar 2023 06:30 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Mon, 27 Mar 2023 06:30 PM IST
सार
हाथरस शहर के बौहरे वाली देवी मंदिर, चामुंडा मंदिर, पथवारी मंदिर, चामड़ माता मंदिर, शीतला माता मंदिर, शांता माता मंदिर, हथुरसी देवी मंदिर आदि में भोर होते ही भक्तों का जमघट लगने लगा। इससे पहले घर-घर मइया की आराधना की गई। देवी मंदिरों में जलाभिषेक के लिए भक्तों की कतार लगी हुई थी।
विज्ञापन
नवरात्रों के सोमवार को श्री मातेश्वरी भद्रकाली मन्दिर पर लगी श्रद्घालुओं की अपार भीड़
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नवरात्र के छठवें दिन सोमवार को मां कात्यायनी की घरों और देवी मंदिरों में स्तुति की गई। मंदिरों में भक्तों की कतार लगी रही। मातारानी की सहज कृपा प्राप्ति के लिए पूजा अर्चना के साथ मइया को काले तिल भी अर्पित किए गए। भक्त सुबह देवी मंदिरों में जलाभिषेक और शाम को भजन-कीर्तन व दर्शन करने पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन
हाथरस शहर के बौहरे वाली देवी मंदिर, चामुंडा मंदिर, पथवारी मंदिर, चामड़ माता मंदिर, शीतला माता मंदिर, शांता माता मंदिर, हथुरसी देवी मंदिर आदि में भोर होते ही भक्तों का जमघट लगने लगा। इससे पहले घर-घर मइया की आराधना की गई। देवी मंदिरों में जलाभिषेक के लिए भक्तों की कतार लगी हुई थी। इनमें बच्चे, युवा, पुरूष, महिला, वृद्ध सभी कतार में मइया का गुणगान कर रहे थे।
विज्ञापन
काफी देर प्रतिक्षा के बाद जब पूजा-अर्चना का बारी आई तो भक्तों ने मइया का जलाभिषेक किया और पुष्प आदि से अर्पित किए। इसके बाद ताजा फल आदि का भोग लगा घी धूप से आरती की गई। दोपहर तक मंदिरों में पूजा पाठ करने का सिलसिला चलता रहा। भक्तों की भीड़ कम होने के बाद मंदिरों की सफाई के साथ मइया के भव्य शृंगार किए गए। शाम को मंदिरों के पट खुलने से पहले भक्त दरबार पहुंचने लगे। शाम को मंदिरों में भी भक्तिवर्षा होने लगी। भक्ति गीतों के संचार के साथ भक्तों ने मइया की आरती में भाग लिया।