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महिलाएं देवी का रूप, इनका कर्ज कोई नहीं उतार सकता

Mon, 08 Mar 2021 12:15 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 08 Mar 2021 12:15 AM IST
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women is like a god, no one can owe
महिला दिवस की पूर्व संध्या पर अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम की संगोष्ठी में सम्मानित होती सांसद ? - फोटो : SADABAD
संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
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दुनिया में मां का कर्ज कोई नहीं उतार सकता। मां ही भगवान है। मां की ममता ही बेटों को ऊंचाइयों तक ले जाती है। भारतीय संस्कृति में स्त्री को शक्ति स्वरूपा देवी के रूप में पूजा जाता है। उक्त बातें हाथरस सांसद राजवीर दिलेर की पत्नी रजनी दिलेर ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर अमर उजाला अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स के बैनर तले आयोजित काव्य संगोष्ठी में कही।
गोष्ठी का आयोजन रविवार को प्रजापिता ब्रह्मकुमारी विश्वविद्यालय में हुआ। शुभारंभ रजनी दिलेर, भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मधु मिश्रा व विश्वविद्यालय प्रभारी भावना दीदी ने मां सरस्वती के छविचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
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काव्य गोष्ठी में कवि नूर मोहम्मद नूर ने सरस्वती वंदना करते हुए तेरे तार तार में वीणा वादिनी, सत्य सिंधु लहराता है... का पाठ किया। कवियित्री मनु दीक्षित ने मैं द्रोपदी हूं, मैं सीता हूं, मैं राधा हूं, हर युग में जली हूूं, पर बचाए ये धर्म रखा है... का पाठ किया। कवि राकेश ओझा ने गर्भ के अंदर मैं हूं जिंदा, मोहि मति मारौ पापाजी..., कवि राणा मुनि प्रताप ने प्रेम मीरा ने किया था, आठ वर्ष की आयु में, सारी उम्र बीत गई थी कान्हा कहते कहते..., कवि हरिभान सिंह ने करो नंहि ऐसा पाप, मिले जा से अभिशाप, गर्भ में न यूं बेटियों को मरवाइए... कविता का पाठ किया।
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कवि डॉ. एमपी विमल ने महिला सबसे बड़ी, सेवा करती कड़ी से कड़ी, सबको जीवन गहाती है ये, माता बनके सिहाती खड़ी..., कवि योगेश सेंगर ने राहे गम को न मोड़ पाऊंगा, तू मेरी सांसों में समाई है, तुझको यूं न छोड पाऊंगा... कवि देवेश सिसौदिया ने समुंदर ही नदी का अंतिम ठिकाना है, पहाड़ों से धरती पे उतरना तो बहाना है..., कवि डॉ. सुरेश सादाबादी ने सुनाया कि बताऊं बहनों की शक्ति ये अवसर आज आया है, लता मंगेशकर जी का स्वर दुनिया में छाया है... का पाठ किया। संयोजन कर रहे कवि राधेश्याम पागल ने भी काव्य पाठ किया। कवि जेपी पचौरी ने कार्यक्रम का संचालन किया।
कवियित्री राधिका गुप्ता, परिवार परामर्श केंद्र पुलिस लाइन से आईं काउंसलर शैलजा मिश्रा, श्रुति मिश्र, समाजसेवी सोमप्रकाश वार्ष्णेय, सामाजिक कार्यकर्ता भवतोष मिश्र, जिपं सदस्य गुडडू चौधरी, समाजसेवी सुधीर गर्ग, केशवदेव चौधरी ने भी महिलाओं को लेकर अपने विचार व्यक्त किए।

मौके पर संदीप शर्मा, हरीशंकर गिरी एडवोकेट, केशवदेव चौधरी, यश जायसवाल, अखिलेश भारद्वाज, डॉ. योगेश शर्मा, दीपक पचौरी, संतोष सिंघल, विक्रम ठाकुर, राजकुमार उपाध्याय, बीके बबिता बहन, हीरालाल भाई, बीके मिथलेश बहन, रामबाबू बघेल, मिथिलेश बहन, राधा बहन, कमलेश बहन, पूजा बहन का विशेष योगदान रहा। अमर उजाला के ब्यूरो चीफ मनोज माहेश्वरी व संवाददाता अशोक वार्ष्णेय ने सभी आगंतुकों व कवियों का आभार जताया।

महिला दिवस को लेकर संगोष्ठी में नृत्य प्रस्तुत करता एक बालक।

महिला दिवस को लेकर संगोष्ठी में नृत्य प्रस्तुत करता एक बालक। - फोटो : SADABAD

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