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Hathras News: पॉलिथीन के खात्मे की अलख जगा रहीं महिलाएं
Tue, 09 Dec 2025 01:55 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Tue, 09 Dec 2025 01:55 AM IST
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शहर में प्लास्टिक और पॉलिथीन से बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए महिलाओं की एक टीम ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। गिर्राज कॉलोनी निवासी सोनल अग्रवाल के नेतृत्व में महिलाएं रोजाना मोहल्लों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को पॉलिथीन का प्रयोग न करने के लिए जागरूक कर रही हैं।
इस अभियान में शामिल महिलाएं दुकानदारों और आम लोगों को पॉलिथीन के दुष्परिणाम समझाते हुए उन्हें जूट और कपड़े के थैले उपलब्ध करा रही हैं। उनका कहना है कि पॉलिथीन न केवल पर्यावरण, बल्कि जल, भूमि और पशुओं के स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है, इसलिए स्वदेशी उत्पादों और पर्यावरण-हितैषी विकल्पों को अपनाना समय की मांग है।
सोनल लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़ी हैं। वह सामाजिक संस्था एडीएचआर से भी जुड़ी हैं और मानवाधिकारों के लिए भी नियमित रूप से जागरूकता अभियान चलाती हैं।
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अभियान में शामिल उनकी सहयोगी पूजा वार्ष्णेय, शालिनी अग्रवाल, कविता गोयल, चित्रा वार्ष्णेय, सीमा गर्ग, नेहा अग्रवाल, ईशा वार्ष्णेय, गीता गुप्ता, मधुलिका शर्मा और समता वार्ष्णेय जागरूकता रैली, घर-घर संपर्क और बाजारों में संवाद जैसी गतिविधियों के जरिये अभियान को लगातार गति दे रही हैं। शालिनी बताती हैं कि 10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस के मौके पर वह मानवाधिकार के लिए लोगों को जागरूक करेंगी।
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इस अभियान में शामिल महिलाएं दुकानदारों और आम लोगों को पॉलिथीन के दुष्परिणाम समझाते हुए उन्हें जूट और कपड़े के थैले उपलब्ध करा रही हैं। उनका कहना है कि पॉलिथीन न केवल पर्यावरण, बल्कि जल, भूमि और पशुओं के स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है, इसलिए स्वदेशी उत्पादों और पर्यावरण-हितैषी विकल्पों को अपनाना समय की मांग है।
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सोनल लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़ी हैं। वह सामाजिक संस्था एडीएचआर से भी जुड़ी हैं और मानवाधिकारों के लिए भी नियमित रूप से जागरूकता अभियान चलाती हैं।
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अभियान में शामिल उनकी सहयोगी पूजा वार्ष्णेय, शालिनी अग्रवाल, कविता गोयल, चित्रा वार्ष्णेय, सीमा गर्ग, नेहा अग्रवाल, ईशा वार्ष्णेय, गीता गुप्ता, मधुलिका शर्मा और समता वार्ष्णेय जागरूकता रैली, घर-घर संपर्क और बाजारों में संवाद जैसी गतिविधियों के जरिये अभियान को लगातार गति दे रही हैं। शालिनी बताती हैं कि 10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस के मौके पर वह मानवाधिकार के लिए लोगों को जागरूक करेंगी।