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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Where girls have come to worship

तो कहां से आएंगी पूजन के लिए कन्याएं

Thu, 14 Apr 2016 11:19 PM IST
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 14 Apr 2016 11:19 PM IST
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हाथरस। चैत्र नवरात्र के आखिरी दिन नवमी पर हर घर में कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया जाएगा, लेकिन जिस तरह लिंगानुपात घट रहा है, उससे यह सवाल भी खड़ा होता है कि अगर कन्या जन्म दर इसी तरह घटती रही तो भविष्य में पूजन के लिए कन्याएं कहां से आएंगी। हालांकि राहत की बात ये है कि पहले एक हजार पर 865 लड़कियां होती थीं, लेकिन अब अब प्रति एक हजार पर 892 लड़कियां इस जिले में हो चुकी हैं, लेकिन लड़के-लड़कियों की संख्या के इस अंतर को अभी और पाटना चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में जरूरत है कि लोग नवमी जैसे पवित्र मौके पर कन्या भ्रूण हत्या और महिला उत्पीड़न पर अंकुश लगाने का संकल्प लें।
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जिले में लिंगानुपात असंतुलन की स्थिति काफी भयावह है। प्रदेश में सर्वाधिक कम लिंगानुपात वाले टॉप टेन जिलों की सूची में हाथरस जिले का नाम भी है। लिहाजा यहां इस मुद्दे पर जागरूकता अभियान की जरूरत और बढ़ जाती है। 
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बांस मंडी से ओढ़पुरा तक छेड़छाड़ फ्री जोन
हाथरस। जिले में कन्या भ्रूण हत्या और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर बिटिया बचाओ के नाम से पर्यावरणविद् भवतोष मिश्र ने पिछले दिनों लंबी मुहिम चलाई, जिसे समाज का व्यापक समर्थन भी मिला। उन्होंने नारा दिया कि बचें बेटियां, पढ़ें बेटियां, लड़ें बेटियां। उनका कहना है कि कोई भी सरकारी अभियान तब तक सफल नहीं हो सकता, जब तक वह जनांदोलन में तब्दील नहीं हो। उनके अभियान के तहत बांस मंडी चौराहे से मुरसान गेट तक होते हुए ओढ़पुरा तिराहे तक के इलाके को जनसहभागिता से छेड़छाड़ फ्री जोन बनाने का प्रयास भी अनूठा प्रयोग है। इसके लिए क्षेत्रीय लोगों का 25 सदस्यीय एक्शन ग्रुप बनाया गया है।
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