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बोरों की कमी से क्रय केंद्रों पर नहीं हो रही गेहूं की खरीद
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मंडी समिति में क्रय केंद्र पर खड़े ट्रैक्टर।
- फोटो : HATHRAS
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
शासन स्तर से सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद की तिथि जरूर बढ़ा दी गई है, लेकिन अब बोरों की कमी से क्रय केंद्रों पर खरीद ठप चल रही है। जिले के करीब तीन हजार किसान पंजीकरण कराने के बावजूद गेहूं बेचने के लिए लाइन में लगे हैं।
अब तक करीब 16 हजार किसानों ने 6.19 लाख क्विंटल गेहूं क्रय केंद्रों पर बेचा है। शासन स्तर से खरीद की तिथि बढ़ने के साथ वर्तमान में 11 क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीदा जा रहा है। हालांकि जिला खाद्य विपणन विभाग ने 15 हजार बोरों की मांग के लिए शासन को पत्र भी लिखा है, ताकि गेहूं की खरीद अनवरत जारी रह सके।
उल्लेखनीय है कि शासन स्तर से गेहूं खरीद की तिथि 22 जून तक बढ़ा दी गई है। इस बार गल्ला मंडी बंद होने के बाद अधिकांश किसानों ने अपना गेहूं क्रय केंद्रों पर बेचा। इस कारण गेेहूं खरीद का आंकड़ा लक्ष्य के सापेक्ष 100 से अधिक हो गया है। कुल 19 हजार किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण कराया है।
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इनमें से 16 हजार किसानों ने छह लाख कुंतल से अधिक गेहूं क्रय केंद्रों पर बेचा है। करीब तीन हजार पंजीकृत किसानों को अभी अपना गेहूं बेचने का इंतजार है, लेकिन इनके सामने बोरों का संकट खड़ा हो गया है। बोरों की कमी को लेकर अधिकारी खासे परेशान है। करीब 15 हजार बोरों की और आवश्यकता है। इसके लिए अधिकारियों ने शासन को पत्र भी लिखा है, लेकिन अभी तक बोरे नहीं मिले हैं।
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शासन स्तर से सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद की तिथि जरूर बढ़ा दी गई है, लेकिन अब बोरों की कमी से क्रय केंद्रों पर खरीद ठप चल रही है। जिले के करीब तीन हजार किसान पंजीकरण कराने के बावजूद गेहूं बेचने के लिए लाइन में लगे हैं।
अब तक करीब 16 हजार किसानों ने 6.19 लाख क्विंटल गेहूं क्रय केंद्रों पर बेचा है। शासन स्तर से खरीद की तिथि बढ़ने के साथ वर्तमान में 11 क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीदा जा रहा है। हालांकि जिला खाद्य विपणन विभाग ने 15 हजार बोरों की मांग के लिए शासन को पत्र भी लिखा है, ताकि गेहूं की खरीद अनवरत जारी रह सके।
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उल्लेखनीय है कि शासन स्तर से गेहूं खरीद की तिथि 22 जून तक बढ़ा दी गई है। इस बार गल्ला मंडी बंद होने के बाद अधिकांश किसानों ने अपना गेहूं क्रय केंद्रों पर बेचा। इस कारण गेेहूं खरीद का आंकड़ा लक्ष्य के सापेक्ष 100 से अधिक हो गया है। कुल 19 हजार किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण कराया है।
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इनमें से 16 हजार किसानों ने छह लाख कुंतल से अधिक गेहूं क्रय केंद्रों पर बेचा है। करीब तीन हजार पंजीकृत किसानों को अभी अपना गेहूं बेचने का इंतजार है, लेकिन इनके सामने बोरों का संकट खड़ा हो गया है। बोरों की कमी को लेकर अधिकारी खासे परेशान है। करीब 15 हजार बोरों की और आवश्यकता है। इसके लिए अधिकारियों ने शासन को पत्र भी लिखा है, लेकिन अभी तक बोरे नहीं मिले हैं।