{"_id":"675a92ef6dbf846ab0078487","slug":"vow-to-fight-against-privatisation-hathras-news-c-56-1-mrt1060-123907-2024-12-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: निजीकरण के विरोध में संघर्ष का लिया संकल्प","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: निजीकरण के विरोध में संघर्ष का लिया संकल्प
Thu, 12 Dec 2024 01:08 PM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 12 Dec 2024 01:08 PM IST
विज्ञापन
राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन की जनपदीय मासिक बैठक का आयोजन शाखा अध्यक्ष इंजीनियर विनय कुमार यादव की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में विद्युत निगम के निजीकरण के निर्णय पर रोष व्यक्त किया गया। सभी ने इसके विरुद्ध संघर्ष किए जाने की तैयारी का संकल्प लिया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि जिन आंकड़ों के आधार पर कॉरपोरेशन पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल डिस्कॉम का निजीकरण कर रहा है, उनकी विश्वसनीयता संदिग्ध है। ओडिशा मॉडल पर निजीकरण किया जाना एक छलावा है, जिससे उपभोक्ता, किसान, मध्यम एवं निम्न आय वर्ग के व्यापारी एवं आम जनमानस महंगी बिजली खरीदने के लिए बाध्य होंगे। जूनियर इंजीनियर एवं विद्युत कर्मियों का भविष्य अंधकार मय हो जाएगा।
वक्ताओं ने कहा कि ओडिशा मॉडल एक असफल प्रयोग है, जहां आज भी विद्युत हानियां 20 फीसदी के ऊपर हैं, जबकि प्रदेश में यह 19 प्रतिशत के आसपास हैं। वर्तमान में जारी रिवेंप आदि योजनाओं के पूर्ण होने पर लाइन हानियां 15 प्रतिशत पर आ जाएगी। वक्ताओं ने मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री से अपील की कि वह प्रभावी हस्तक्षेप करते हुए कॉरपोरेशन द्वारा लिए गए निजीकरण के फैसले को उपभोक्ताओं एवं विद्युत कर्मियों के हित में तत्काल निरस्त करें।
विज्ञापन
बैठक में अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, पर्यवेक्षक अलीगढ़ सुशील कुमार, जनपद सचिव विवेक भारती, अजय कुमार, पंकज चौबे, चेतन चौहान, राहुल चौहान, जितेंद्र कुमार, अमित गुप्ता, पुष्पेंद्र विमल आदि ने विचार रखे।
विज्ञापन
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि जिन आंकड़ों के आधार पर कॉरपोरेशन पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल डिस्कॉम का निजीकरण कर रहा है, उनकी विश्वसनीयता संदिग्ध है। ओडिशा मॉडल पर निजीकरण किया जाना एक छलावा है, जिससे उपभोक्ता, किसान, मध्यम एवं निम्न आय वर्ग के व्यापारी एवं आम जनमानस महंगी बिजली खरीदने के लिए बाध्य होंगे। जूनियर इंजीनियर एवं विद्युत कर्मियों का भविष्य अंधकार मय हो जाएगा।
विज्ञापन
वक्ताओं ने कहा कि ओडिशा मॉडल एक असफल प्रयोग है, जहां आज भी विद्युत हानियां 20 फीसदी के ऊपर हैं, जबकि प्रदेश में यह 19 प्रतिशत के आसपास हैं। वर्तमान में जारी रिवेंप आदि योजनाओं के पूर्ण होने पर लाइन हानियां 15 प्रतिशत पर आ जाएगी। वक्ताओं ने मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री से अपील की कि वह प्रभावी हस्तक्षेप करते हुए कॉरपोरेशन द्वारा लिए गए निजीकरण के फैसले को उपभोक्ताओं एवं विद्युत कर्मियों के हित में तत्काल निरस्त करें।
विज्ञापन
बैठक में अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, पर्यवेक्षक अलीगढ़ सुशील कुमार, जनपद सचिव विवेक भारती, अजय कुमार, पंकज चौबे, चेतन चौहान, राहुल चौहान, जितेंद्र कुमार, अमित गुप्ता, पुष्पेंद्र विमल आदि ने विचार रखे।