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Hathras News: कारोबारी बोले- आज चुनाव हो तो मौजूदा जनप्रतिनिधियों को नहीं देंगे वोट

Wed, 09 Sep 2026 02:44 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 09 Sep 2026 02:44 AM IST
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vote for the incumbent
अमर उजाला संवाद में शामिल शहर के व्यापारी ।संवाद - फोटो : samvad
अमर उजाला की ओर से आयोजित संवाद कार्यक्रम में शहर के कारोबारियों का दर्द छलक उठा। उन्होंने कहा कि हर साल सरकार को रिकॉर्ड टैक्स देने के बावजूद बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रहीं। अगर आज चुनाव हो जाए तो मौजूदा सत्तारूढ़ पार्टी के जनप्रतिनिधि को वोट नहीं देंगे।
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कार्यक्रम में स्थानीय कारोबारियों और उद्यमियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने शासन-प्रशासन की नीतियों पर जमकर भड़ास निकाली। इस दौरान शहर के सराफा व व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने जिले की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा व्यवस्था में भारी चूक, ट्रैफिक जाम और औद्योगिक अनदेखी के मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।
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कारोबारियों ने उठाए ये मुद्दे

रेफरल सेंटर बनकर रह गया जिला अस्पताल : करोड़ों रुपये की आधुनिक मशीनें होने के बावजूद बागला जिला अस्पताल केवल रेफरल सेंटर बनकर रह गया है। 25 चिकित्सकों के स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल पांच डॉक्टर तैनात हैं।
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सुरक्षा के दावे खोखले :
बिसावर के घुंघरू व चांदी कारोबारियों के सामने अब भी सुरक्षा का बड़ा संकट है। लंबे समय से बिसावर में थाने की मांग लटकी है। सराफा कारोबारियों को शस्त्र लाइसेंस तक जारी नहीं किए जा रहे।
स्थानीय उद्यमियों की उपेक्षा :
सलेमपुर औद्योगिक आस्थान में स्थानीय व्यापारियों को उद्योग लगाने के लिए जमीन नहीं मिल रही है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों को तरजीह दी जा रही है। सिंगल विंडो सिस्टम धरातल पर फ्लॉप साबित हो रहा है।
निर्माण कार्यों में लापरवाही :
शहर में पुरानी सड़क को उखाड़े बिना ही उसके ऊपर नई सड़क बिछाई जा रही है। इससे सड़कें ऊंची होती जा रही हैं और स्थानीय लोगों व दुकानदारों के मकान व दुकानें सड़क से कई फीट नीचे गड्ढे में समा रहे हैं।
ट्रैफिक व पार्किंग का संकट : बाजारों में दिन-प्रतिदिन अतिक्रमण और जाम की समस्या विकराल होती जा रही है। वर्षों से पार्किंग स्थल की मांग पूरी न होने से ग्राहकों व व्यापारियों का निकलना दूभर हो गया है। जाम से हर कोई परेशान है।

जाम का हो समाधान
जनपद में जाम की स्थिति गंभीर है। बाजारों में अतिक्रमण के कारण निकलना दूभर है। शिकायत करने पर प्रशासन ऐसे कदम उठाता है जो व्यापारियों का उत्पीड़न करते हैं। जाम जैसी अव्यवस्था पर राजनीति हावी है। - विशाल सोनी, मंत्री, सराफा एसोसिएशन, हाथरस।
हथियारों के लाइसेंस मिले

जिले की सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। सराफा कारोबारियों को आत्मरक्षा के लिए हथियारों के लाइसेंस तक जारी नहीं किए जा रहे। हाथरस में अब तक हॉल मार्किंग केंद्र की स्थापना नहीं हो सकी है। - राज कुमार वर्मा, नगर वरिष्ठ महामंत्री, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल
स्वास्थ्य सेवा में हो सुधार
- सुविधाओं के अभाव का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बागला जिला अस्पताल से सिर्फ रेफर स्लिप मिलती है। इमरजेंसी तो दूर, ओपीडी में भी मरीजों को इलाज नहीं मिलता। अस्पताल में मशीनों तो हैं लेकिन ऑपरेटर और डॉक्टर नहीं हैं। - रवि वार्ष्णेय, चेयरमैन, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, रजिस्टर्ड
बिना उखाड़े बन रहीं नई सड़कें

- सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। निर्माण कार्य आम लोगों के लिए मुसीबत बन रहे हैं। पुरानी सड़क को बिना उखाड़े उसके ऊपर नई सड़क बनाई जा रही है, जिससे व्यापारियों के मकान और दुकानें सड़क से नीचे जा रहे हैं। - सुरेंद्र वार्ष्णेय, युवा जिलाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, रजिस्टर्ड
स्थानीय कारोबारियों को नहीं मिल रही जमीन
- जिले में बड़े-बड़े उद्योग लगाने की बातें तो की जा रही हैं, लेकिन स्थानीय कारोबारियों को जमीन नहीं दी जा रही। लखनऊ स्तर से ही बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भूमि आवंटित हो रही है, जबकि स्थानीय उद्यमी जमीन आवंटन का इंतजार ही कर रहे हैं। - तरुण पंकज, शहर अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, रजिस्टर्ड
सुरक्षा की सख्त जरूरत

व्यापारी हर साल बढ़त के साथ टैक्स भरते हैं, लेकिन सुविधाएं शून्य हैं। बिसावर के घुंघरू व चांदी कारोबार को सुरक्षा की सख्त जरूरत है। सालाें से थाने की मांग अधूरी है। जब सरकार हमसे टैक्स ले रही है तो सुविधाएं भी दे। - सत्य प्रकाश रंगीला, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, सराफा एसोसिएशन, हाथरस
सिंगल विंडो का नहीं मिल रहा लाभ


सरकार का सिंगल विंडो सिस्टम सिर्फ नाम का रह गया है। किसी भी कारोबारी को इसका लाभ नहीं मिल रहा। नया या पुराना उद्योग लगाने के लिए आज भी सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। - ललतेश गुप्ता, शहर अध्यक्ष, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल।

टांसपोर्ट नगर का हो निर्माण

- आरटीओ में लाइसेंस के लिए 18 हजार रुपये लग रहे हैं। हम नहरोई पर सालों से ट्रांसपोर्ट नगर की मांग कर रहे हैं। नोएंट्री के नाम पर उत्पीड़न हो रहा है। जिले का व्यापारी इतना परेशान है कि पूछो नहीं। - राहुल गुप्ता, महामंत्री, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, हाथरस।
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