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ग्राम प्रधान के चुनाव की मतगणना दोबारा तीन को
अमर उजाला, हाथरस
Updated Tue, 28 Feb 2017 11:53 PM IST
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- फोटो : ANI
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एसडीएम ओमवीर सिंह ने क्षेत्र की ग्राम पंचायत खिटौली कटैलिया की चुनाव याचिका स्वीकार करते हुए पुनर्मतगणना के आदेश दिए हैं। पुनर्मतगणना के लिए 3 मार्च 2017 की तिथि नियत की है। दोनों पक्षों को मतगणना के समय न्यायालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। मतगणना सुबह 11 बजे से होगी, जिसके लिए बीडीओ, एबीएसए तथा ईओ नगर पंचायत सासनी को नामित किया है।
एसडीएम न्यायालय में प्रस्तुत चुनाव याचिका में ग्राम खिटौली कटैलिया निवासी नीरज पत्नी हरेंद्र कुमार का आरोप है कि ग्राम पंचायत के सामान्य निर्वाचन 2015 में 6 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे।
याची को कन्नी, ऊषा देवी को अनाज ओसता किसान, कुसमा देवी को इमली, भगवान देवी को कार, बीना देवी को किताब, साधना को कैमरा, सोनावती को कैरम बोर्ड, चुनाव चिन्ह मिले थे। मतदान 12 दिसंबर 2015 को संपन्न हुआ, जिसमें 1675 मतदाताओं ने मतदान किया। 13 दिसंबर को केएल जैन इंटर कॉलेज में मतगणना हुई।
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इसमें नीरज के 9 मतों को अवैध रूप से अन्य प्रत्याशियों के मतों में शामिल कर गणना सीट में अपरलेखन कर 01 के स्थान पर 10 तथा नीरज के 8 मत निरस्त कर कुसमा देवी को 8 मतों से विजयी घोषित कर दिया। इस आधार पर याचिका स्वीकार कर पुनर्मतगणना कराने तथा प्रधान पद के लिए की गई घोषणा निरस्त करने की मांग की।
जिसका प्रतिवाद पत्र प्रस्तुत करते हुए कुसमा देवी के कहा कि याचिका कपोल कल्पित तथ्यों द्वेष भाव के आधार पर प्रस्तुत की है। मतगणना का कोई ठोस आधार एवं साक्ष्य नहीं है। याची एवं विपक्षी के अधिवक्ताओं के बहस सुनने के बाद न्यायालय ने माना कि गणना प्रपत्रों पर काटपीट की गई है, जिस पर किसी सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं है।
प्रपत्र संख्या-4 तैयार नहीं किया है। हार-जीत का अंतर भी कम है। जिससे आशंका को बल मिलता है कि जाने अनजाने मतगणना में त्रुटि हुई है। इस कारण मतगणना कराया जाना न्यायोचित प्रतीत होता है।
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एसडीएम न्यायालय में प्रस्तुत चुनाव याचिका में ग्राम खिटौली कटैलिया निवासी नीरज पत्नी हरेंद्र कुमार का आरोप है कि ग्राम पंचायत के सामान्य निर्वाचन 2015 में 6 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे।
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याची को कन्नी, ऊषा देवी को अनाज ओसता किसान, कुसमा देवी को इमली, भगवान देवी को कार, बीना देवी को किताब, साधना को कैमरा, सोनावती को कैरम बोर्ड, चुनाव चिन्ह मिले थे। मतदान 12 दिसंबर 2015 को संपन्न हुआ, जिसमें 1675 मतदाताओं ने मतदान किया। 13 दिसंबर को केएल जैन इंटर कॉलेज में मतगणना हुई।
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इसमें नीरज के 9 मतों को अवैध रूप से अन्य प्रत्याशियों के मतों में शामिल कर गणना सीट में अपरलेखन कर 01 के स्थान पर 10 तथा नीरज के 8 मत निरस्त कर कुसमा देवी को 8 मतों से विजयी घोषित कर दिया। इस आधार पर याचिका स्वीकार कर पुनर्मतगणना कराने तथा प्रधान पद के लिए की गई घोषणा निरस्त करने की मांग की।
जिसका प्रतिवाद पत्र प्रस्तुत करते हुए कुसमा देवी के कहा कि याचिका कपोल कल्पित तथ्यों द्वेष भाव के आधार पर प्रस्तुत की है। मतगणना का कोई ठोस आधार एवं साक्ष्य नहीं है। याची एवं विपक्षी के अधिवक्ताओं के बहस सुनने के बाद न्यायालय ने माना कि गणना प्रपत्रों पर काटपीट की गई है, जिस पर किसी सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं है।
प्रपत्र संख्या-4 तैयार नहीं किया है। हार-जीत का अंतर भी कम है। जिससे आशंका को बल मिलता है कि जाने अनजाने मतगणना में त्रुटि हुई है। इस कारण मतगणना कराया जाना न्यायोचित प्रतीत होता है।