{"_id":"6993886f6f04135efe0b7d11","slug":"vehicles-will-ply-between-mathura-and-kasganj-from-august-hathras-news-c-56-1-hts1003-144686-2026-02-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: मथुरा से कासगंज के बीच अगस्त से फर्राटा भरेंगे वाहन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: मथुरा से कासगंज के बीच अगस्त से फर्राटा भरेंगे वाहन
Tue, 17 Feb 2026 02:43 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Tue, 17 Feb 2026 02:43 AM IST
विज्ञापन
मथुरा से कासगंज के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण का कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। परियोजना के द्वितीय चरण का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों के अनुसार यदि मौसम अनुकूल रहा तो अगस्त माह तक इस हिस्से पर वाहनों का संचालन शुरू हो सकता है।
द्वितीय चरण के अंतर्गत हाथरस जनपद के कैलोरा क्षेत्र से कासगंज तक सड़क चौड़ीकरण, नई लेन का निर्माण, सर्विस रोड, पुल-पुलिया और ड्रेनेज सिस्टम का कार्य तेजी से कराया जा रहा है।
कई स्थानों पर डामरीकरण का कार्य भी अंतिम चरण में पहुंच चुका है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पहले की तुलना में अधिक सुगम और सुरक्षित हो जाएगी।
विज्ञापन
पूरी परियोजना मथुरा से बरेली तक करीब 228 किलोमीटर लंबी है, जिस पर लगभग 7,700 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। यह मार्ग पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जनपदों को आपस में जोड़ेगा, जोकि व्यापार, पर्यटन और आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस मार्ग के चालू होने से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
वर्तमान में जहां कई स्थानों पर जाम और खराब सड़क की समस्या के कारण देरी होती है। इस समस्या से निजात मिलने के साथ दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है, क्योंकि सड़क पर आधुनिक संकेतक, क्रैश बैरियर और सेफ्टी फीचर लगाए जा रहे हैं।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक उत्कृष्ट शुक्ला ने बताया कि तेजी से राष्ट्रीय राजमार्ग पर काम किया जा रहा है। जल्द काम पूरा हो जाए तो न केवल आवागमन सुचारू होगा, बल्कि मथुरा, हाथरस, कासगंज और आगे बरेली तक औद्योगिक एवं कृषि उत्पादों की आवाजाही तेज हो सकेगी।
विज्ञापन
द्वितीय चरण के अंतर्गत हाथरस जनपद के कैलोरा क्षेत्र से कासगंज तक सड़क चौड़ीकरण, नई लेन का निर्माण, सर्विस रोड, पुल-पुलिया और ड्रेनेज सिस्टम का कार्य तेजी से कराया जा रहा है।
विज्ञापन
कई स्थानों पर डामरीकरण का कार्य भी अंतिम चरण में पहुंच चुका है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पहले की तुलना में अधिक सुगम और सुरक्षित हो जाएगी।
विज्ञापन
पूरी परियोजना मथुरा से बरेली तक करीब 228 किलोमीटर लंबी है, जिस पर लगभग 7,700 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। यह मार्ग पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जनपदों को आपस में जोड़ेगा, जोकि व्यापार, पर्यटन और आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस मार्ग के चालू होने से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
वर्तमान में जहां कई स्थानों पर जाम और खराब सड़क की समस्या के कारण देरी होती है। इस समस्या से निजात मिलने के साथ दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है, क्योंकि सड़क पर आधुनिक संकेतक, क्रैश बैरियर और सेफ्टी फीचर लगाए जा रहे हैं।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक उत्कृष्ट शुक्ला ने बताया कि तेजी से राष्ट्रीय राजमार्ग पर काम किया जा रहा है। जल्द काम पूरा हो जाए तो न केवल आवागमन सुचारू होगा, बल्कि मथुरा, हाथरस, कासगंज और आगे बरेली तक औद्योगिक एवं कृषि उत्पादों की आवाजाही तेज हो सकेगी।