Hathras: 400 चालकों को मिले ई-रिक्शा संचालन के लर्निंग लाइसेंस, ढाई हजार चालक अवैध तरीके से चला रहे ई-रिक्शा
हाथरस में 400 चालकों को ही ई-रिक्शा संचालन के लर्निंग लाइसेंस जारी किए गए हैं। जिले में चल रहे करीब तीन हजार में से ढाई हजार ई-रिक्शों का संचालन गैर लाइसेंसधारी चालक कर रहे हैं।
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बेशक शासन ने हाद से रोकने के लिए ई-रिक्शों के संचालन के लिए नियम तय किए हैं, लेकिन हाथरस जिले में इनका असर नहीं दिख रहा। जिले में करीब ढाई हजार चालक अवैध तरीके से ई-रिक्शों का संचालन कर रहे हैं। परिवहन विभाग से सिर्फ 400 चालकों को ही ई-रिक्शा संचालन के लर्निंग लाइसेंस जारी किए गए हैं।
परिवहन विभाग की नई नीति के तहत अब चार पहिया वाहनों के लाइसेंस पर ई-रिक्शों को नहीं चलाया जा सकता। ई-रिक्शों के लिए अलग से ड्राइविंग लाइसेंस की आवश्यकता है। वाहन चालक चाहे तो चार पहिया वाहन के साथ ही ई-रिक्शा का लाइसेंस भी बनवा सकता है। वर्तमान में जिले में एक भी ई-रिक्शा चालक के पास स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है।
पिछले दो महीने में करीब 400 लर्निंग लाइसेंस जारी हुए हैं, लेकिन इन धारकों को स्थायी लाइसेंस जारी कराने के लिए एक माह का ड्राइविंग स्कूल का प्रशिक्षण भी लेना होगा। अभी तक इस तरह के प्रशिक्षण के साथ कोई भी स्थायी लाइसेंस जिले से जारी नहीं किया गया है। इससे स्पष्ट है कि जिले में चल रहे करीब तीन हजार में से ढाई हजार ई-रिक्शों का संचालन गैर लाइसेंसधारी चालक कर रहे हैं। इनकी वजह से हादसे की संभावना बनी रहती है।
कॉमर्शियल पैसेंजर वाहन चलाए जाने के लिए कार का लाइसेंस वैध नहीं होता, इसलिए ई-रिक्शों के लिए अलग से लाइसेंस जारी करने या चार पहिया लाइसेंस में ही इसके लाइसेंस को जुड़वाने की व्यवस्था की गई है।-संतोष कुमार, आरआई परिवहन विभाग।
कार के लाइसेंस से चला सकते हैं माल वाहक वाहन
नियमों के अनुसार कार के लाइसेंस से 7.5 टन तक के माल वाहक वाहनों को चला सकते हैं, लेकिन कार के लाइसेंस से किसी भी वाणिज्यिक सवारी वाहन को नहीं चलाया जा सकता। यही कारण है कि ई-रिक्शा के लिए अलग से लाइसेंस जारी कराए जाने की व्यवस्था की गई है। पुराने लाइसेंस में ई-रिक्शा के लाइसेंस को भी जोड़ा जा सकता है। नए ई-रिक्शा के लर्निंग लाइसेंस के लिए 200 रुपये व स्थायी लाइसेंस के लिए 700 रुपये की ऑनलाइन फीस जमा की जाती है।