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नलकूप घोटाले में सख्ती से बढ़ी बेचैनी
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jun 2016 11:54 PM IST
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हाथरस। विद्युत वितरण खंड तृतीय में किए गए फर्जी नलकूप कनेक्शन घोटाले में पांच अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार होने और इस घोटाले में एक दर्जन अधिकारी कर्मचारियों के फंसने की खबर से विद्युत महकमे में खलबली मची रही। अधिकारी एवं कर्मचारी यह जानने की कोशिश करते रहे कि किन-किन अफसर और कर्मियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार हुई है। इनके अलावा और कौन-कौन रडार पर हैं।
मुख्य अभियंता बीएस गंगवार का कहना है कि इस मामले में जांच पूरी कर ली गई है, जो अधिकारी कर्मचारी दोषी थे, सबके नाम सामने आ चुके हैं। अब सिर्फ उनके खिलाफ चार्जशीट तैयार किए जाने का काम किया जा रहा है, जो कि एक हफ्ते में पूरा कर लिया जाएगा। उनकी मानें तो इस घोटाले में न सिर्फ कर्मचारी, बल्कि एक्सईएन से लेकर एसडीओ और अवर अभियंता भी इस पूरे घोटाले में शामिल हैं। साल 2012 से डार्क जोन में नलकूप कनेक्शन देने में इस तरह का फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। उनका कहना है घोटाला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
फर्जीवाड़े की जांच 2007 से कराने की मांग
विद्युत वितरण खंड तृतीय के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा डार्क जोन में नलकूप संयोजन जारी कर बडे़ पैमाने पर किए गए घोटाले की जांच में लापरवाही बरते जाने की शिकायत मानवाधिकार आयोग से की गई है। इंटरनेशनल काउंसिल फॉर ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन के संस्थापक अध्यक्ष अनुराग ज्योति ने शिकायती पत्र में विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता को इस फर्जीवाड़े की जांच वर्ष 2007 से कराए जाने के लिए निर्देशित किए जाने और घोटाले के दौरान अवैध वसूली कर अर्जित किए गए धन तथा राजस्व हानि की वसूली दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन से कर उन्हें दंडित किए जाने की मांग की गई है।
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किसानों में दौड़ी हर्ष की लहर
हाथरस। सपा के विधानसभा क्षेत्र प्रत्याशी रामनारायण काके ने बताया कि फर्जी नलकूप कनेक्शन घोटाले की जांच से विद्युत विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों में खलबली और किसानों में हर्ष की लहर दौड़ गई है। उन्हाेेंने बताया कि इस घोटाले की शिकायत सीएम से लेकर विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों से की गई थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की जा रही है।
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मुख्य अभियंता बीएस गंगवार का कहना है कि इस मामले में जांच पूरी कर ली गई है, जो अधिकारी कर्मचारी दोषी थे, सबके नाम सामने आ चुके हैं। अब सिर्फ उनके खिलाफ चार्जशीट तैयार किए जाने का काम किया जा रहा है, जो कि एक हफ्ते में पूरा कर लिया जाएगा। उनकी मानें तो इस घोटाले में न सिर्फ कर्मचारी, बल्कि एक्सईएन से लेकर एसडीओ और अवर अभियंता भी इस पूरे घोटाले में शामिल हैं। साल 2012 से डार्क जोन में नलकूप कनेक्शन देने में इस तरह का फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। उनका कहना है घोटाला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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फर्जीवाड़े की जांच 2007 से कराने की मांग
विद्युत वितरण खंड तृतीय के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा डार्क जोन में नलकूप संयोजन जारी कर बडे़ पैमाने पर किए गए घोटाले की जांच में लापरवाही बरते जाने की शिकायत मानवाधिकार आयोग से की गई है। इंटरनेशनल काउंसिल फॉर ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन के संस्थापक अध्यक्ष अनुराग ज्योति ने शिकायती पत्र में विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता को इस फर्जीवाड़े की जांच वर्ष 2007 से कराए जाने के लिए निर्देशित किए जाने और घोटाले के दौरान अवैध वसूली कर अर्जित किए गए धन तथा राजस्व हानि की वसूली दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन से कर उन्हें दंडित किए जाने की मांग की गई है।
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किसानों में दौड़ी हर्ष की लहर
हाथरस। सपा के विधानसभा क्षेत्र प्रत्याशी रामनारायण काके ने बताया कि फर्जी नलकूप कनेक्शन घोटाले की जांच से विद्युत विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों में खलबली और किसानों में हर्ष की लहर दौड़ गई है। उन्हाेेंने बताया कि इस घोटाले की शिकायत सीएम से लेकर विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों से की गई थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की जा रही है।