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दस के नोट न लेने पर बैंक में व्यापारी का हंगामा
अमर उजाला/ हाथरस/सिकंदराराऊ।
Updated Sat, 17 Jun 2017 11:20 PM IST
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बैंक
- फोटो : अमर उजाला
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स्थानीय बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में शनिवार की दोपहर उस समय हंगामा गया, जब कैशियर ने दस-दस के नोट लने से मना कर दिया। मामले ने तूल पकड़ लिया। व्यापारी नेता तथा बैंक मैनेजर के मध्य नोक-झोंक हो गई। बैंक मैनेजर का कहना था कि आरबीआई में क्लोजिंग के चलते छोटे नोट नहीं ले रहे हैं।
व्यापारी नवीन चंद्र वार्ष्णेय बैंक में बिक्री का कैश जमा करने गए थे। कैशियर ने दस-दस के नोटों की गड्डियां देख उन्हें लेने से इंकार कर दिया। व्यापारी का कहना था कि जब दस-दस के नोट आ रहे हैं तो वे इन्हें लेकर कहां जाए। इस मामले को लेकर बैंक में काफी देर हंगामा होता रहा। व्यापारी नेता विपिन वार्ष्णेय ने मैनेजर से नोट न लेने की वजह पूछी तो प्रबंधक ने आरबीआई का बहाना बनाना चाहा। इसे लेकर वार्ष्णेय तथा बैंक प्रबंधक में नोक-झोंक हो गई। काफी देर तक प्रकरण चलता रहा लेकिन नोट नहीं लिए।
विपिन वार्ष्णेय का कहना है कि वह पूरा प्रकरण लिखकर आरबीआई तथा वित्त मंत्रालय भेजेंगे। प्रबंधक टीपी सिंह का कहना था कि केवल इसी माह क्लोजिंग के चलते ऐसा किया जा रहा है अगले माह से सभी प्रकार के नोट लिए जाएंगे। बैंक के रवैये की व्यापारियों ने निंदा की है।
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व्यापारी नवीन चंद्र वार्ष्णेय बैंक में बिक्री का कैश जमा करने गए थे। कैशियर ने दस-दस के नोटों की गड्डियां देख उन्हें लेने से इंकार कर दिया। व्यापारी का कहना था कि जब दस-दस के नोट आ रहे हैं तो वे इन्हें लेकर कहां जाए। इस मामले को लेकर बैंक में काफी देर हंगामा होता रहा। व्यापारी नेता विपिन वार्ष्णेय ने मैनेजर से नोट न लेने की वजह पूछी तो प्रबंधक ने आरबीआई का बहाना बनाना चाहा। इसे लेकर वार्ष्णेय तथा बैंक प्रबंधक में नोक-झोंक हो गई। काफी देर तक प्रकरण चलता रहा लेकिन नोट नहीं लिए।
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विपिन वार्ष्णेय का कहना है कि वह पूरा प्रकरण लिखकर आरबीआई तथा वित्त मंत्रालय भेजेंगे। प्रबंधक टीपी सिंह का कहना था कि केवल इसी माह क्लोजिंग के चलते ऐसा किया जा रहा है अगले माह से सभी प्रकार के नोट लिए जाएंगे। बैंक के रवैये की व्यापारियों ने निंदा की है।
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