{"_id":"5bc4e030bdec2269436b87c9","slug":"three-teachers-and-one-clerk-sacked-for-getting-fake-appointment","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जीवाड़ा कर नियुक्ति पाने में तीन शिक्षक व एक लिपिक बर्खास्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जीवाड़ा कर नियुक्ति पाने में तीन शिक्षक व एक लिपिक बर्खास्त
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
Updated Tue, 16 Oct 2018 12:25 AM IST
विज्ञापन
Teacher
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्री एचपी सिंह जूनियर हाईस्कूल में 1995 में तीन शिक्षक और एक लिपिक की नियुक्ति फर्जी तरीके से प्रबंधक द्वारा की गई। इसके अलावा बीएसए का अनुमोदन पत्र भी फर्जी बना लिया। शिकायत के बाद हुई जांच में हकीकत सामने आई। जिस पर बीएसए ने तीनों शिक्षकों व एक लिपिक की सेवा समाप्ति का पत्र प्रबंधक को लिखते हुए तत्कालीन प्रबंधक व प्रधानाध्यापक के खिलाफ एफआईआर कराने का आदेश जारी किया है।
बेसिक शिक्षा के श्री एचपी सिंह जूनियर हाईस्कूल बिसावर में फर्जी तरीके से तीन शिक्षक व एक लिपिक की नियुक्ति किए जाने का मामला सामने आया है। जिसमें प्रबंध समिति ने केशव देव शर्मा, कृष्ण गोपाल, हरी निवास शर्मा की सहायक अध्यापक और सत्यवीर सिंह की नियुक्ति लिपिक के पद पर की गई। जिसे लेकर शिकायतों का दौर चला। खुद उसी विद्यालय के प्रधानाध्यापक गंगाप्रसाद गौतम ने भी शिकायत की।
पिछले दिनों सदर विधायक हरीशंकर माहौर ने भी इसे लेकर शिकायत शासन को भेजी। फिर जो सामने आया, उसे सुनकर सभी दंग रह गए। प्रबंध समिति ने मथुरा की तत्कालीन बीएसए गायत्री देवी के नाम से फर्जी अनुमोदन पत्र तक बना लिया। जबकि उस वक्त मथुरा से प्रोन्नत होकर गायत्री देवी डीआईओएस मुरादाबाद के पद पर पहुंच गईं थीं।
विज्ञापन
प्रधानाध्यापक पर धमकाने का आरोप
फर्जी नियुक्ति प्रकरण में जांच का सिलसिला वर्ष 2013 से चल रहा है। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सत्र 2000 में हरी निवास से करीब 2.65 लाख रुपये, कृष्ण गोपाल से 2.40 लाख और केशवदेव शर्मा से 2.30 लाख रुपये प्रधानाध्यापक गंगाप्रसाद गौतम ने उधार लिए। रुपये मांगने पर नौकरी न करने देने की धमकी देते हुए रुपयों को भूल जाने की बात कहने का आरोप है।
बीएसए ने प्रबंधक को भेजे पत्र में यह कहा
बीएसए हरीशचंद्र ने प्रबंधक को पत्र जारी करते हुए कहा है कि तीनों शिक्षकों (केशव देव शर्मा, कृष्ण गोपाल, हरी निवास) और सत्यवीर लिपिक के नियुक्ति संबंधी अनुमोदन पत्र 1995 को कूटरचित पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए विद्यालय प्रबंधक को तीनों शिक्षकों व लिपिक की सेवा समाप्ति और फर्जी दस्तावेज तैयार कर विभाग में प्रस्तुत करने के लिए दोषी तत्कालीन प्रधानाध्यापक गंगाप्रसाद गौतम एवं तत्कालीन प्रबंधक सोवरन सिंह के खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराने का आदेश जारी किया गया है।
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा के श्री एचपी सिंह जूनियर हाईस्कूल बिसावर में फर्जी तरीके से तीन शिक्षक व एक लिपिक की नियुक्ति किए जाने का मामला सामने आया है। जिसमें प्रबंध समिति ने केशव देव शर्मा, कृष्ण गोपाल, हरी निवास शर्मा की सहायक अध्यापक और सत्यवीर सिंह की नियुक्ति लिपिक के पद पर की गई। जिसे लेकर शिकायतों का दौर चला। खुद उसी विद्यालय के प्रधानाध्यापक गंगाप्रसाद गौतम ने भी शिकायत की।
विज्ञापन
पिछले दिनों सदर विधायक हरीशंकर माहौर ने भी इसे लेकर शिकायत शासन को भेजी। फिर जो सामने आया, उसे सुनकर सभी दंग रह गए। प्रबंध समिति ने मथुरा की तत्कालीन बीएसए गायत्री देवी के नाम से फर्जी अनुमोदन पत्र तक बना लिया। जबकि उस वक्त मथुरा से प्रोन्नत होकर गायत्री देवी डीआईओएस मुरादाबाद के पद पर पहुंच गईं थीं।
विज्ञापन
प्रधानाध्यापक पर धमकाने का आरोप
फर्जी नियुक्ति प्रकरण में जांच का सिलसिला वर्ष 2013 से चल रहा है। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सत्र 2000 में हरी निवास से करीब 2.65 लाख रुपये, कृष्ण गोपाल से 2.40 लाख और केशवदेव शर्मा से 2.30 लाख रुपये प्रधानाध्यापक गंगाप्रसाद गौतम ने उधार लिए। रुपये मांगने पर नौकरी न करने देने की धमकी देते हुए रुपयों को भूल जाने की बात कहने का आरोप है।
बीएसए ने प्रबंधक को भेजे पत्र में यह कहा
बीएसए हरीशचंद्र ने प्रबंधक को पत्र जारी करते हुए कहा है कि तीनों शिक्षकों (केशव देव शर्मा, कृष्ण गोपाल, हरी निवास) और सत्यवीर लिपिक के नियुक्ति संबंधी अनुमोदन पत्र 1995 को कूटरचित पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए विद्यालय प्रबंधक को तीनों शिक्षकों व लिपिक की सेवा समाप्ति और फर्जी दस्तावेज तैयार कर विभाग में प्रस्तुत करने के लिए दोषी तत्कालीन प्रधानाध्यापक गंगाप्रसाद गौतम एवं तत्कालीन प्रबंधक सोवरन सिंह के खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराने का आदेश जारी किया गया है।
तीनों शिक्षकों व लिपिक की सेवा समाप्ति करने का आदेश प्रबंधक को दिया गया है। इनकी नियुक्ति फर्जी तरीके से किया जाना जांच में पाया गया है। वहीं तत्कालीन प्रबंधक व प्रधानाध्यापक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश भी प्रबंधक लिए जारी किया है। - हरीशचंद्र बीएसए।