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ठंड से तीन मोरों की मौत, सात बीमार
अमर उजाला, हाथरस
Updated Sat, 28 Jan 2017 11:39 PM IST
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बीमार मोरों का इलाज करवाते वन विभाग के अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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मौसम के बदलते मिजाज से पशु-पक्षी भी बेहाल हो गए हैं। ग्राम नगला खंदा में तीन मोरों की मौत हो गई, जबकि सात बीमार मोरों का इलाज चल रहा है। शनिवार की सुबह ग्रामीणों ने देखा कि बीमार मोर पेड़ से एक-एक कर गिर रहे हैं। यह नजारा देख ग्रामीण हैरत में पड़ गए।
मौके पर काफी भीड़ लग गई। मामला चूंकि राष्ट्रीय पक्षी से जुड़ा था, इसलिए वन विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। मृत पक्षियों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। ग्रामीणों ने तत्काल घटनाक्रम से वन विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया।
जानकारी होने पर वन विभाग के कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। बीमार मोरों को उपचार के लिए पशु चिकित्सा केंद्र लाया गया, जिनमें से तीन मोरों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। शेष का उपचार कराया जा रहा है। उपचार कर रहे पशु चिकित्सक डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि पिछले दिनों हुई बारिश से ठंड बढ़ गई है, जिसके कारण मोर बीमार हुए हैं। सर्दी के कारण इन पक्षियों को न्यूमोनिया होने की आशंका है।
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वास्तविकता का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चल पाएगा। वन दारोगा ब्रजलाल सिंह चौहान का कहना है कि ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर गए थे। वहां कुछ मोर बीमारी की हालत में मिले हैं, जिनका तत्काल पशु चिकित्सालय में उपचार कराया गया है।
मृत मोरों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। उनका बिसरा जांच के लिए भेजा जाएगा, जिससे उनकी मौत की वजह स्पष्ट हो सके। सर्दी से और मोरों की मौत नहीं हो, इसके लिए भी विभिन्न उपायों पर विचार किया जा रहा है।
- मधुकर दयाल, प्रभागीय वन अधिकारी हाथरस
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मौके पर काफी भीड़ लग गई। मामला चूंकि राष्ट्रीय पक्षी से जुड़ा था, इसलिए वन विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। मृत पक्षियों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। ग्रामीणों ने तत्काल घटनाक्रम से वन विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया।
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जानकारी होने पर वन विभाग के कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। बीमार मोरों को उपचार के लिए पशु चिकित्सा केंद्र लाया गया, जिनमें से तीन मोरों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। शेष का उपचार कराया जा रहा है। उपचार कर रहे पशु चिकित्सक डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि पिछले दिनों हुई बारिश से ठंड बढ़ गई है, जिसके कारण मोर बीमार हुए हैं। सर्दी के कारण इन पक्षियों को न्यूमोनिया होने की आशंका है।
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वास्तविकता का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चल पाएगा। वन दारोगा ब्रजलाल सिंह चौहान का कहना है कि ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर गए थे। वहां कुछ मोर बीमारी की हालत में मिले हैं, जिनका तत्काल पशु चिकित्सालय में उपचार कराया गया है।
मृत मोरों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। उनका बिसरा जांच के लिए भेजा जाएगा, जिससे उनकी मौत की वजह स्पष्ट हो सके। सर्दी से और मोरों की मौत नहीं हो, इसके लिए भी विभिन्न उपायों पर विचार किया जा रहा है।
- मधुकर दयाल, प्रभागीय वन अधिकारी हाथरस