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चालक की सीट के नीचे तारों का मकड़जाल, नहीं है किसी का ध्यान
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रोडवेज बस में चालक की सीट के नीचे खुले पड़े तार। संवाद
- फोटो : HATHRAS
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
रोडवेज बसों में चालक की सीट के नीचे तारों का मकड़जाल फैला है लेकिन इस पर किसी का ध्यान नहीं रहता। अधिकांश बसों में जुगाड़ से लाइट व अन्य उपकरणों का संचालन होता है। इसी वजह से सिकंदराराऊ में एक रोडवेज बस में आग लग गई।
उल्लेखनीय है कि हाथरस डिपो में वर्तमान में 77 बसें हैं। डिपो में जितनी भी पुरानी बसें हैं अधिकांश बसों में तारों के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आग बुझाने के लिए लगे अग्निशमन यंत्रों की हालत सही नहीं है। क्योंकि उनकी समय पर टेस्टिंग नहीं की जाती है।
इस कारण आग बुझाने के इंतजाम भी नाकाफी है। अक्सर इन बसों में तारों का मकड़जाल रहता है और ऐसे में जिससे शार्ट-सर्किट से आग लगने की आशंका रहती है। साथ ही चालकों को भी बस चलाने के दौरान अनहोनी का डर सताता है।
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रोडवेज बसों में चालक की सीट के नीचे तारों का मकड़जाल फैला है लेकिन इस पर किसी का ध्यान नहीं रहता। अधिकांश बसों में जुगाड़ से लाइट व अन्य उपकरणों का संचालन होता है। इसी वजह से सिकंदराराऊ में एक रोडवेज बस में आग लग गई।
उल्लेखनीय है कि हाथरस डिपो में वर्तमान में 77 बसें हैं। डिपो में जितनी भी पुरानी बसें हैं अधिकांश बसों में तारों के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आग बुझाने के लिए लगे अग्निशमन यंत्रों की हालत सही नहीं है। क्योंकि उनकी समय पर टेस्टिंग नहीं की जाती है।
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इस कारण आग बुझाने के इंतजाम भी नाकाफी है। अक्सर इन बसों में तारों का मकड़जाल रहता है और ऐसे में जिससे शार्ट-सर्किट से आग लगने की आशंका रहती है। साथ ही चालकों को भी बस चलाने के दौरान अनहोनी का डर सताता है।
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