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खतरा बढ़ते ही पुलिस को छोड़ना पड़ा टैंकर
अमर उजाला, हाथ्ारस
Updated Sun, 02 Apr 2017 11:49 PM IST
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हिमाचल के मंडी के नगवाईं बाजार में देर रात करीब ढाई बजे जोरदार टक्कर के साथ एक बेकाबू टैंकर दो मंजिला मकान की दीवार तोड़ता हुआ अंदर जा घुसा। इससे मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है।
- फोटो : अमर उजाला
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सिकंदराराऊ में अलीगढ़ जीटी रोड पर गांव हुसैनपुर के पास हादसे में बाइक सवार पिता-पुत्र की मौत के बाद कब्जे में लिया गया एलपीजी गैस से भरा टैंकर गंभीर खतरे को दस्तक दे रहा था। यह टैंक खुली धूप में खड़ा हुआ था। टैंकर का तापमान बढ़ने से अनहोनी होने की आशंका सताने लगी थी। अफसोस की बात तो यह है कि टैंकर के मालिक दो दिन से इसे रिलीज कराने के लिए कोतवाली के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन पुलिस अभी तक इसे छोड़ने को राजी नहीं थी। रविवार को जब पुलिस को यह पता चला कि टैंकर का तापमान खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है तो आनन-फानन इसे छोड़ा गया।
गौरतलब है कि इसी टैंकर की चपेट में आकर बाइक सवार पिता-पुत्र की मौत हुई थी। हादसे के बाद चालक टैंकर को मौके पर ही छोड़कर भाग खड़ा हुआ था। इस टैंकर में 17,650 किग्रा एलपीजी का स्टॉक था, जिसे गेल प्लांट गुना (मध्य प्रदेश) से रुड़की एलपीजी गैस फिलिंग प्लांट ले जाया जा रहा था। हादसे के बाद टैंकर को कोतवाली परिसर में सिपाहियों की बैरक पुलिस आवास के पास खड़ा करा दिया गया। टैंकर में अति ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण उसे सार्वजनिक स्थान पर खड़ा नहीं किया जा सकता, क्योंकि अगर टैंकर से गैस रिसाव होता तो बड़े हादसे की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता था।
सात दिन से यह टैंकर खुले में कड़ी धूप में खड़ा रहा। इसके अंदर लगे उपकरण ने इंडीकेट किया कि इसका तापमान सामान्य 40 से बढ़कर 55 डिग्री तक पहुंच गया है। गैस की डेनसिटी खतरनाक स्तर तक बढ़ गई है। दो दिन से गैस टैंकर स्वामी गुरुदीप सिंह, शिव सिंह रघुवंशी निवासी गुना मध्यप्रदेश कोतवाली के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन कोतवाली पुलिस चालक को हाजिर कराकर उसे जमानत देने के बाद ही टैंकर को छोड़ना चाहती थी, जबकि नियम से खराब होने वाली खाद्य सामग्री एवं खतरनाक वस्तु वाले वाहन को तत्काल छोड़ा जाता है। कोतवाली प्रभारी जगदीश चंद्र का कहना है कि टैंकर का तापमान खतरे के करीब पहुंच गया था। लिहाजा उसे छोड़ दिया गया है।
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गौरतलब है कि इसी टैंकर की चपेट में आकर बाइक सवार पिता-पुत्र की मौत हुई थी। हादसे के बाद चालक टैंकर को मौके पर ही छोड़कर भाग खड़ा हुआ था। इस टैंकर में 17,650 किग्रा एलपीजी का स्टॉक था, जिसे गेल प्लांट गुना (मध्य प्रदेश) से रुड़की एलपीजी गैस फिलिंग प्लांट ले जाया जा रहा था। हादसे के बाद टैंकर को कोतवाली परिसर में सिपाहियों की बैरक पुलिस आवास के पास खड़ा करा दिया गया। टैंकर में अति ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण उसे सार्वजनिक स्थान पर खड़ा नहीं किया जा सकता, क्योंकि अगर टैंकर से गैस रिसाव होता तो बड़े हादसे की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता था।
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सात दिन से यह टैंकर खुले में कड़ी धूप में खड़ा रहा। इसके अंदर लगे उपकरण ने इंडीकेट किया कि इसका तापमान सामान्य 40 से बढ़कर 55 डिग्री तक पहुंच गया है। गैस की डेनसिटी खतरनाक स्तर तक बढ़ गई है। दो दिन से गैस टैंकर स्वामी गुरुदीप सिंह, शिव सिंह रघुवंशी निवासी गुना मध्यप्रदेश कोतवाली के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन कोतवाली पुलिस चालक को हाजिर कराकर उसे जमानत देने के बाद ही टैंकर को छोड़ना चाहती थी, जबकि नियम से खराब होने वाली खाद्य सामग्री एवं खतरनाक वस्तु वाले वाहन को तत्काल छोड़ा जाता है। कोतवाली प्रभारी जगदीश चंद्र का कहना है कि टैंकर का तापमान खतरे के करीब पहुंच गया था। लिहाजा उसे छोड़ दिया गया है।
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