Hathras News: 26 हजार लोगों का सुरक्षा कवच खतरे में...नहीं बने आयुष्मान कार्ड
जिले में कुल 3.85 लाख आयुष्मान कार्ड बनाए जाने का लक्ष्य है। इनमें से अधिकांश कार्ड तैयार किए जा चुके हैं, मगर 26 हजार लाभार्थी ऐसे हैं, जिनके नाम, जन्मतिथि या लिंग संबंधी ब्योरे में असमानताएं हैं।
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हाथरस जिले में करीब 26 हजार लाभार्थियों को आयुष्मान भारत योजना से मिला स्वास्थ्य सुरक्षा कवच खतरे में पड़ गया है। इन लाभार्थियों का ब्योरा आधार कार्ड से मेल नहीं खा रहा है। इस कारण इनके आयुष्मान कार्ड जारी नहीं हो पा रहे। ये लोग कार्ड के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।
योजना के तहत जिले में कुल 3.85 लाख आयुष्मान कार्ड बनाए जाने का लक्ष्य है। इनमें से अधिकांश कार्ड तैयार किए जा चुके हैं, मगर 26 हजार लाभार्थी ऐसे हैं, जिनके नाम, जन्मतिथि या लिंग संबंधी ब्योरे में असमानताएं हैं। इनके आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड के लिए उपलब्ध ब्योरा अलग-अलग है। इस कारण इन लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड जारी नहीं हो पा रहे।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इन लाभार्थियों को दस्तावेेजों को सही कराने की सलाह दे रहे हैं। इन सभी को ई-केवाईसी करानी होगी। इस प्रक्रिया में आधार कार्ड का बायोमीट्रिक सत्यापन किया जाता है, जिससे उसके ब्योरे का आयुष्मान कार्ड के ब्योरे से मिलान हो सके। आयुष्मान मित्रों और स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों की टीम लगातार लाभार्थियों को इस समस्या के समाधान के लिए जागरूक कर रही है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कार्ड अपडेट होने के बाद ही लाभार्थी सूचीबद्ध सरकारी या निजी अस्पतालों में पांच लाख तक के नि:शुल्क इलाज की सुविधा का लाभ ले पाएंगे।
आयुष्मान कार्डधारकों की सूची में ज्यादातर लोगों के नाम में गड़बड़ी है। आधार कार्ड से नाम का मिलान न होने के कारण डाटा की ई केवाईसी नहीं हो पा रही है। कुछ कार्डधारक मिल भी नहीं रहे हैं, फिर भी सभी के कार्ड बनवाए जा रहे हैं।-डॉ. प्रभात, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत योजना।
आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड की स्थिति
- लक्ष्य
- 3.85 लाख - कार्ड बने
- 3.59 लाख - वंचित लाभार्थी
- 26 हजार - 70 से अधिक उम्र वाले लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने का अनुमानित लक्ष्य
- 29 हजार - 70 से अधिक उम्र के लोगों के कार्ड बने
- 19300 - योजना से जुड़े निजी अस्पताल
- सात - योजना से जुड़े सरकारी अस्पताल
- सात सीएचसी व दो जिला अस्पताल। - योजना से अब तक लाभान्वित लाभार्थी
- 52 हजार
मैं कई बार सोच रहा हूं कि अपना आयुष्मान कार्ड बनवा लूं, लेकिन डाटा का मिलान न होने के कारण अभी तक कार्ड नहीं बन पाया है। अब बार-बार अस्पताल के चक्कर नहीं काटे जा रहे।-अजयपाल निवासी जैनी गढ़ी।
आयुष्मान कार्ड बनवाना इतना आसान नहीं है। एक स्पेलिंग की गलती पर भी आधार कार्ड रोक रहे हैं। कई बार चक्कर काटने के बाद भी मेरा कार्ड नहीं बन पाया है, जबकि इस समय इसकी जरूरत अधिक होती है।-भिक्की चौधरी निवासी हरवंश विहार कॉलोनी