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Hathras News: लेखपाल के साथ एसडीएम ने देखा फसलों का नुकसान
Tue, 07 Apr 2026 02:33 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Tue, 07 Apr 2026 02:33 AM IST
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बिसावर में खेतों में घूमकर फसल का निरीक्षण करते एसडीएम मनीष चौधरी। स्रोत : स्वयं
- फोटो : Samvad
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क्षेत्र में बीते तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश और रविवार को हुई ओलावृष्टि से बिसावर क्षेत्र में पकी खड़ी और खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को एसडीएम मनीष चौधरी ने मौके पर पहुंचकर फसलों में हुए नुकसान का जायजा लिया।
एसडीएम ने लेखपाल ब्रजेश कौशिक के साथ बिसावर क्षेत्र के कई गांवों में खेत-खेत जाकर जमीनी स्तर पर नुकसान का आकलन किया। उन्होंने किसानों से बातचीत कर फसल की स्थिति की जानकारी भी ली। एसडीएम ने कहा कि बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का पूरा आकलन कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, ताकि प्रभावित किसानों को उचित राहत दिलाई जा सके।
एसडीएम के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बारिश के पानी और ओलों की मार से गेहूं की बालियों के अंदर तक नमी पहुंच गई है, जिससे दाने फूल गए हैं और कई स्थानों पर अंकुरण (उपज) शुरू हो गया है। खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल पानी भरने से पूरी तरह भीग चुकी है।
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बंधी हुई पूलियों में नमी के कारण दाने खराब हो रहे हैं, वहीं कई जगह दीमक लगने की भी आशंका बढ़ गई है। किसान भीगी हुई फसल को पलटने और पूलियों को खड़ा करने में जुटे हैं, लेकिन इस प्रक्रिया में भी दाने टूटकर जमीन पर गिर रहे हैं, जिससे नुकसान और बढ़ रहा है।
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एसडीएम ने लेखपाल ब्रजेश कौशिक के साथ बिसावर क्षेत्र के कई गांवों में खेत-खेत जाकर जमीनी स्तर पर नुकसान का आकलन किया। उन्होंने किसानों से बातचीत कर फसल की स्थिति की जानकारी भी ली। एसडीएम ने कहा कि बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का पूरा आकलन कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, ताकि प्रभावित किसानों को उचित राहत दिलाई जा सके।
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एसडीएम के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बारिश के पानी और ओलों की मार से गेहूं की बालियों के अंदर तक नमी पहुंच गई है, जिससे दाने फूल गए हैं और कई स्थानों पर अंकुरण (उपज) शुरू हो गया है। खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल पानी भरने से पूरी तरह भीग चुकी है।
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बंधी हुई पूलियों में नमी के कारण दाने खराब हो रहे हैं, वहीं कई जगह दीमक लगने की भी आशंका बढ़ गई है। किसान भीगी हुई फसल को पलटने और पूलियों को खड़ा करने में जुटे हैं, लेकिन इस प्रक्रिया में भी दाने टूटकर जमीन पर गिर रहे हैं, जिससे नुकसान और बढ़ रहा है।