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Hathras News: अमृत भारत स्टेशन की धुली चमक, चौथी बार पेंट से बदहाली पर पर्दा
Sun, 23 Aug 2026 02:11 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sun, 23 Aug 2026 02:11 AM IST
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हाथरस सिटी स्टेशन की बाहरी मुख्य दीवारों पर दोबारा किया गया पेंट। करीब छह माह पूर्व किए गए घटिय
- फोटो : Samvad
विनीत चौरसिया
हाथरस। हाथरस सिटी रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब डेढ़ साल पहले लगभग 3.5 करोड़ रुपये की लागत से हुए विकास कार्यों की सच्चाई अब परत-दर-परत बाहर आने लगा है। स्थिति यह है कि स्टेशन की बदहाली और भ्रष्टाचार के दागों को छिपाने के लिए महज दो साल के भीतर शनिवार सुबह चौथी बार बाहरी इमारत पर जल्दबाजी में पेंट कराया गया।
शनिवार को पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक और इज्जतनगर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक के निरीक्षण की संभावना के चलते रेल महकमे में खलबली मची हुई है। अधिकारियों की नजरों से बदहाली छिपाने के लिए आनन-फानन में स्टेशन भवन की पुरानी, उखड़ी हुई पेंट की पपड़ियों को हटाए बिना ही दोबारा घटिया किस्म का पेंट पोत दिया गया।
हालांकि विडंबना यह रही कि अधिकारियों की विशेष निरीक्षण ट्रेन बिना स्टेशन पर रुके ही निकल गई और रेल अफसरों के लीपापोती के प्रयास धरे रह गए। पूर्वाेत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के पीआरओ सफदर हुसैन का कहना है कि इस तरह की जानकारी नहीं है। इस बारे में हम डीआरएम व सीपीआरओ को अवगत कराएंगे, जो समस्याएं हैं, उनका निश्चित तौर पर निस्तारण कराया जाएगा। संवाद
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स्थायी लाइटें बंद, किराये की झालरें लगवाईं
स्टेशन के सुंदरीकरण के नाम पर सरकारी धन के बंदरबांट की बानगी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भी साफ देखने को मिली। स्टेशन की मुख्य इमारत को रोजाना जगमगाने और राष्ट्रीय पर्वों पर रोशन करने के लिए करीब 20 लाख रुपये की लागत से स्थायी तिरंगा लाइटें लगाई गई थीं। इसके बावजूद बीते स्वतंत्रता दिवस पर यह महंगी लाइटें पूरी तरह बंद पड़ी रहीं और इमारत को चमकाने के लिए रेलवे को अलग से किराये की झालरें लगवानी पड़ीं।
चौखटें सड़ रहीं, सेल्फी पॉइंट भी हुआ ध्वस्त
स्टेशन परिसर में लगाए गए कई नए दरवाजों पर घटिया किस्म की प्लाइवुड का प्रयोग किया गया। कई जगह चौखटें अब सड़कर लगी हैं। लाखों रुपये खर्च कर तैयार किया गया हाथरस सिटी लिखा हुआ सेल्फी पॉइंट भी इतनी घटिया क्वालिटी का था कि चंद महीनों में ही यह पूरी तरह ध्वस्त हो गया। अब वह स्टेशन की सुंदरता पर दाग लगा रहा है।
अनावश्यक रूप से खर्च की गई थी बड़ी रकम।
स्टेशन के पार्किंग व नो पार्किंग स्थल पर लगी इंटर लॉकिंग टाइल्स के ऊपर ही अनावश्यक रूप से नई इंटर लॉकिंग टाइल्स लगा दी गई थीं, उस समय कहा गया था कि स्टेशन के फर्श को ऊंचा करने के लिए ऐसा किया गया था, लेकिन सही शब्दों में समझें तो अनावश्यक रूप से बजट को ठिकाने लगाने के लिए इस तरह के अनावश्यक कार्य किए गए।
स्टेशन पर हुए कार्याें पर एक नजर
-करीब तीन साल पहले शुरू हुआ था हाथरस सिटी स्टेशन के पुनर्विकास का काम, करीब 6.5 करोड़ रुपये होने थे खर्च।
-करीब डेढ़ साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली किया था अमृत भारत स्टेशन का उद्घाटन, 3.5 करोड़ ही हो पाए थे खर्च।
-करीब सवा करोड़ रुपये से तैयार हुआ था शौचालय ब्लॉक, अब आम यात्रियों को लघुशंका के लिए भी देने पड़ते हैं रुपये।
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हाथरस। हाथरस सिटी रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब डेढ़ साल पहले लगभग 3.5 करोड़ रुपये की लागत से हुए विकास कार्यों की सच्चाई अब परत-दर-परत बाहर आने लगा है। स्थिति यह है कि स्टेशन की बदहाली और भ्रष्टाचार के दागों को छिपाने के लिए महज दो साल के भीतर शनिवार सुबह चौथी बार बाहरी इमारत पर जल्दबाजी में पेंट कराया गया।
शनिवार को पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक और इज्जतनगर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक के निरीक्षण की संभावना के चलते रेल महकमे में खलबली मची हुई है। अधिकारियों की नजरों से बदहाली छिपाने के लिए आनन-फानन में स्टेशन भवन की पुरानी, उखड़ी हुई पेंट की पपड़ियों को हटाए बिना ही दोबारा घटिया किस्म का पेंट पोत दिया गया।
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हालांकि विडंबना यह रही कि अधिकारियों की विशेष निरीक्षण ट्रेन बिना स्टेशन पर रुके ही निकल गई और रेल अफसरों के लीपापोती के प्रयास धरे रह गए। पूर्वाेत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के पीआरओ सफदर हुसैन का कहना है कि इस तरह की जानकारी नहीं है। इस बारे में हम डीआरएम व सीपीआरओ को अवगत कराएंगे, जो समस्याएं हैं, उनका निश्चित तौर पर निस्तारण कराया जाएगा। संवाद
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स्थायी लाइटें बंद, किराये की झालरें लगवाईं
स्टेशन के सुंदरीकरण के नाम पर सरकारी धन के बंदरबांट की बानगी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भी साफ देखने को मिली। स्टेशन की मुख्य इमारत को रोजाना जगमगाने और राष्ट्रीय पर्वों पर रोशन करने के लिए करीब 20 लाख रुपये की लागत से स्थायी तिरंगा लाइटें लगाई गई थीं। इसके बावजूद बीते स्वतंत्रता दिवस पर यह महंगी लाइटें पूरी तरह बंद पड़ी रहीं और इमारत को चमकाने के लिए रेलवे को अलग से किराये की झालरें लगवानी पड़ीं।
चौखटें सड़ रहीं, सेल्फी पॉइंट भी हुआ ध्वस्त
स्टेशन परिसर में लगाए गए कई नए दरवाजों पर घटिया किस्म की प्लाइवुड का प्रयोग किया गया। कई जगह चौखटें अब सड़कर लगी हैं। लाखों रुपये खर्च कर तैयार किया गया हाथरस सिटी लिखा हुआ सेल्फी पॉइंट भी इतनी घटिया क्वालिटी का था कि चंद महीनों में ही यह पूरी तरह ध्वस्त हो गया। अब वह स्टेशन की सुंदरता पर दाग लगा रहा है।
अनावश्यक रूप से खर्च की गई थी बड़ी रकम।
स्टेशन के पार्किंग व नो पार्किंग स्थल पर लगी इंटर लॉकिंग टाइल्स के ऊपर ही अनावश्यक रूप से नई इंटर लॉकिंग टाइल्स लगा दी गई थीं, उस समय कहा गया था कि स्टेशन के फर्श को ऊंचा करने के लिए ऐसा किया गया था, लेकिन सही शब्दों में समझें तो अनावश्यक रूप से बजट को ठिकाने लगाने के लिए इस तरह के अनावश्यक कार्य किए गए।
स्टेशन पर हुए कार्याें पर एक नजर
-करीब तीन साल पहले शुरू हुआ था हाथरस सिटी स्टेशन के पुनर्विकास का काम, करीब 6.5 करोड़ रुपये होने थे खर्च।
-करीब डेढ़ साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली किया था अमृत भारत स्टेशन का उद्घाटन, 3.5 करोड़ ही हो पाए थे खर्च।
-करीब सवा करोड़ रुपये से तैयार हुआ था शौचालय ब्लॉक, अब आम यात्रियों को लघुशंका के लिए भी देने पड़ते हैं रुपये।