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Hathras News: भिखारी को जिंदा जलाने में खुद भी झुलस गया था बर्खास्त सिपाही
Fri, 17 Apr 2026 01:53 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Fri, 17 Apr 2026 01:53 AM IST
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भिखारी की हत्या के बाद हाथरस रोड स्टेशन का मुआयना करती पुलिस। स्रोत : जीआरपी
- फोटो : Self
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भिखारी को जिंदा जलाने के दौरान बर्खास्त सिपाही रामवीर खुद भी झुलस गया था। बागला जिला अस्पताल, आगरा और सैफई मेडिकल कॉलेज में भी इलाज कराया। यह पूरी साजिश उसने पुलिस रिकार्ड में खुद को मुर्दा घोषित कराने के लिए रची थी, जिससे पुराने आपराधिक मामलों में सजा से बच जाए।
गत 12 मार्च को हाथरस रोड रेलवे स्टेशन एक बुजुर्ग का जला हुआ शव मिला था। उसके पास रामवीर सिंह निवासी किशनी मैनपुरी का पहचान पत्र और अन्य सामान मिला था। शुरू में जीआरपी ने इसे रामवीर का शव माना, लेकिन जांच शुरू की तो पता चला कि वह जिंदा है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर बुधवार को घटना का खुलासा किया।
पुलिस पूछताछ में रामवीर ने बताया कि सुनसान स्टेशन पर उसने घटना वाली रात सोते हुए भिखारी पर पेट्रोल डाल दिया और आग लगा दी ती। इस दौरान पेट्रोल उस पर गिर गया था और इससे वह भी वह भी झुलस गया। इसमें उसके हाथ, पेट व जांघ जल गई, जिसके बाद वह बागला जिला अस्पताल पहुंचा और वहां इलाज कराया। इसके बाद यहां से उसे आगरा रेफर किया गया, इसके बाद सैफई मेडिकल कॉलेज में भी भर्ती रहा।
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जिसकी हत्या की गई, अभी तक उसकी पहचान नहीं हुई है। पुलिस ने उसके मृतक के हुलिए के पोस्टर स्टेशनों पर चस्पा कराए हैं। स्टेशन पर रहने वाले और घूमने वाले अन्य लोग व भिखारियों से भी पुलिस जानकारी कर रही है।
स्टेशन की सुरक्षा से जुड़ी कमजोरियों से वाकिफ था रामवीर
हाथरस रोड स्टेशन हाल्ट है और यहां पर ट्रेनों का आवागमन कम होता है। रामवीर उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही रहा है, उसकी तैनाती जीआरपी कासगंज में भी रही है। वह हाथरस स्टेशन की सुरक्षा संबंधित खामियों से वाकिफ था। वह जानता था यहां ट्रेनें कम होने के कारण यहां जीआरपी अधिक सक्रिय नहीं रहती और लोगों की आवाजाही भी कम रहती है। सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे हैं। वह यहां से वारदात को अंजाम देकर बच सकता है।
छह जिलों में की आपराधिक वारदात
हाथरस। जीआरपी की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अपराध की दुनिया में सक्रिय रहते हुए विभिन्न गिरोहों के संपर्क में आ गया था। छह जिलों में उस पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
जल्दी अमीर बनने की चाह में उसने वर्दी की आड़ में अपराध का रास्ता अपनाया और धीरे-धीरे उसका जाल फैलता गया।कोर्ट में पेशी के दौरान अन्य अपराधियों से उसका संपर्क बना रहा व नेटवर्क और मजबूत होता गया। पुलिस उसके पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।
पुलिस रिकार्ड के अनुसार 55 वर्षीय रामवीर पर फिरोजाबाद, अलीगढ़, मुरादाबाद, हरदोई, मैनपुरी और बदायूं में अपहरण, हत्या, लूट और धोखाधड़ी सहित संगीन धाराओं के कुल 13 गंभीर मामले दर्ज हैं।
जनपद-- अपराध का विवरण-
मुरादाबाद-- अपहरण और हत्या की बड़ी वारदात
अलीगढ़-- अपहरण के बाद हत्या और साक्ष्य मिटाना
बदायूँ-- लूट के बाद हत्या और अपहरण
फिरोजाबाद-- पुलिस पर हमला (जानलेवा) और गैंगस्टर एक्ट
हरदोई-- जहरखुरानी और धोखाधड़ी
मैनपुरी-- हत्या और लूट
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गत 12 मार्च को हाथरस रोड रेलवे स्टेशन एक बुजुर्ग का जला हुआ शव मिला था। उसके पास रामवीर सिंह निवासी किशनी मैनपुरी का पहचान पत्र और अन्य सामान मिला था। शुरू में जीआरपी ने इसे रामवीर का शव माना, लेकिन जांच शुरू की तो पता चला कि वह जिंदा है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर बुधवार को घटना का खुलासा किया।
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पुलिस पूछताछ में रामवीर ने बताया कि सुनसान स्टेशन पर उसने घटना वाली रात सोते हुए भिखारी पर पेट्रोल डाल दिया और आग लगा दी ती। इस दौरान पेट्रोल उस पर गिर गया था और इससे वह भी वह भी झुलस गया। इसमें उसके हाथ, पेट व जांघ जल गई, जिसके बाद वह बागला जिला अस्पताल पहुंचा और वहां इलाज कराया। इसके बाद यहां से उसे आगरा रेफर किया गया, इसके बाद सैफई मेडिकल कॉलेज में भी भर्ती रहा।
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जिसकी हत्या की गई, अभी तक उसकी पहचान नहीं हुई है। पुलिस ने उसके मृतक के हुलिए के पोस्टर स्टेशनों पर चस्पा कराए हैं। स्टेशन पर रहने वाले और घूमने वाले अन्य लोग व भिखारियों से भी पुलिस जानकारी कर रही है।
स्टेशन की सुरक्षा से जुड़ी कमजोरियों से वाकिफ था रामवीर
हाथरस रोड स्टेशन हाल्ट है और यहां पर ट्रेनों का आवागमन कम होता है। रामवीर उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही रहा है, उसकी तैनाती जीआरपी कासगंज में भी रही है। वह हाथरस स्टेशन की सुरक्षा संबंधित खामियों से वाकिफ था। वह जानता था यहां ट्रेनें कम होने के कारण यहां जीआरपी अधिक सक्रिय नहीं रहती और लोगों की आवाजाही भी कम रहती है। सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे हैं। वह यहां से वारदात को अंजाम देकर बच सकता है।
छह जिलों में की आपराधिक वारदात
हाथरस। जीआरपी की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अपराध की दुनिया में सक्रिय रहते हुए विभिन्न गिरोहों के संपर्क में आ गया था। छह जिलों में उस पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
जल्दी अमीर बनने की चाह में उसने वर्दी की आड़ में अपराध का रास्ता अपनाया और धीरे-धीरे उसका जाल फैलता गया।कोर्ट में पेशी के दौरान अन्य अपराधियों से उसका संपर्क बना रहा व नेटवर्क और मजबूत होता गया। पुलिस उसके पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।
पुलिस रिकार्ड के अनुसार 55 वर्षीय रामवीर पर फिरोजाबाद, अलीगढ़, मुरादाबाद, हरदोई, मैनपुरी और बदायूं में अपहरण, हत्या, लूट और धोखाधड़ी सहित संगीन धाराओं के कुल 13 गंभीर मामले दर्ज हैं।
जनपद
मुरादाबाद
अलीगढ़
बदायूँ
फिरोजाबाद
हरदोई
मैनपुरी