न्यायालय के लिए भूमि देने पर किसान सहमत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाथरस। जिला न्यायालय और न्यायिक अधिकारियों के आवासीय-अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए प्रशासन ने कलेक्ट्रेट के नजदीक करीब 50 एकड़ जमीन चिन्हित की है। यह जमीन ग्राम पंचायत खेड़ा बरामई और गोपालपुर के कुल 88 किसानों की है।
इन सभी किसानों को डीएम शमीम अहमद ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में बुलाकर उनसे लंबी वार्ता की। डीएम ने बताया कि अधिकांश किसान अपनी जमीन सर्किट रेट से चार गुना ज्यादा धनराशि पर देने को सहमत हो गए हैं। कुछ किसानों की मुश्किल यह है कि वर्तमान भूमि देने के बाद वह भूमिहीन हो जाएंगे। लिहाजा डीएम ने उनकी समस्या पर भी गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। एसडीएम सदर से कहा गया कि वह अपनी मौजूदगी में चिन्हित स्थल पर एक-एक किसान की जमीन की नाप-तोल कराएं और यह सुनिश्चित करें कि जहां जितनी आवश्यकता है, उतनी ही जमीन ली जाए, ताकि कोई भी किसान भूमिहीन नहीं होने पाए। डीएम ने नौ फरवरी तक किसानों की सहमति से जमीन का चिह्नांकन करते हुए प्रस्ताव देने को कहा है, जिसके बाद इसे शासन और न्यायालय प्रशासन को भेज दिया जाएगा।